कुल्थी की खेती | Kulthi Ki Kheti

कुल्थी की खेती

🌾 कम लागत, कम पानी और ज़्यादा मुनाफे वाली दलहन फसल

कुल्थी की खेती | Kulthi Ki Kheti भारत की सबसे पुरानी और औषधीय महत्व वाली दलहन फसल है। यह ऐसी फसल है जो कम बारिश, कमजोर जमीन और कम लागत में भी अच्छी पैदावार देती है। यही वजह है कि आदिवासी, पहाड़ी और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में इसकी खेती बहुत की जाती है।

कुल्थी की खेती दलहन फसल के रूप में की जाती है. भारत में इसे अलग अलग जगहों पर कुलथ, खरथी, गराहट, हुलगा, गहत और हार्स आदि कई नामों से जाना जाता है. कुल्थी के दानो का इस्तेमाल खाने में सब्जी बनाने में लिया जाता हैं. जबकि कुछ जगहों पर इनका इस्तेमाल पशुओं के चारे के रूप में भी करते हैं. कुल्थी दलहन फसल होने के कारण जमीन के लिए भी उपयोगी मानी जाती है. इसके उगाने से मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती हैं. इसके पौधों का इस्तेमाल हरी खाद बनाने में भी किया जाता हैं.

यह फसल मिट्टी में नाइट्रोजन जोड़ती है, जिससे अगली फसल की पैदावार बढ़ जाती है।

पूरी खेती प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप

❤️ 1️. कुल्थी के स्वास्थ्य लाभ

कुल्थी केवल फसल नहीं बल्कि औषधि है।

✔ पथरी गलाती है
✔ मूत्र रोग ठीक करती है
✔ वजन घटाती है
✔ खांसी दमा में राहत
✔ खून साफ करती है
✔ डायबिटीज में फायदेमंद
✔ शरीर की सूजन कम करती है
✔ पाचन मजबूत बनाती है

🧬2️. वैज्ञानिक जानकारी

  • Botanical Name: Macrotyloma uniflorum
  • Family: Fabaceae

यह मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ाने वाली फसल है।

🌤️3️. जलवायु और तापमान

कुल्थी सूखा सहने वाली फसल है।

✔ सबसे अच्छा तापमान 25 से 30 डिग्री
✔ अंकुरण 22 डिग्री पर
✔ 35 डिग्री तक सहनशील
✔ कम बारिश में भी उगती है

🌱4️. मिट्टी की जरूरत

✔ बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी
✔ पानी रुकना नहीं चाहिए
✔ पीएच 6.5 से 7.5
✔ कमजोर जमीन में भी सफल

🌾5️. सबसे अच्छी किस्में

⭐ बिरसा कुल्थी

90 से 100 दिन
उपज 8 से 10 क्विंटल प्रति एकड़
रोग कम लगते हैं

⭐ डी बी 7

90 दिन
उपज 10 क्विंटल प्रति एकड़
दक्षिण भारत के लिए उत्तम

⭐ कोयम्बटूर

95 दिन
उपज 10 से 12 क्विंटल

⭐ वी एल गहत 8

उत्तर भारत के लिए
उपज 7 से 8 क्विंटल

🌱6️. बीज दर प्रति एकड़

✔ दाना उत्पादन 10 से 12 किलो
✔ चारा उत्पादन 16 से 18 किलो

बीज उपचार
कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम प्रति किलो बीज

🚜7️. खेत की तैयारी

✔ 2 गहरी जुताई
✔ 6 टन गोबर खाद
✔ पलेव
✔ मिट्टी भुरभुरी

🌿8️. बुवाई तरीका

✔ कतार से कतार 1 फीट
✔ पौधा से पौधा 6 सेंटीमीटर
✔ गहराई 3 सेंटीमीटर

✔ बुवाई समय
जुलाई से अगस्त

🧪9️. खाद प्रबंधन प्रति एकड़

✔ गोबर खाद 6 टन
✔ डीएपी 35 किलो
✔ यूरिया 20 किलो

💧10. सिंचाई

✔ फूल आने पर
✔ फलियाँ बनने पर
✔ जलभराव से बचाव

🌾 11. खरपतवार नियंत्रण

कुल्थी की खेती में शुरुआती 30 से 40 दिन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
अगर इस समय खरपतवार बढ़ गए तो फसल कमजोर हो जाती है और पैदावार कम हो जाती है।

क्या करें

✔ बुवाई के तुरंत बाद पेंडीमेथालिन का छिड़काव करें
✔ 20 से 25 दिन बाद पहली निराई करें
✔ 40 दिन बाद दूसरी निराई करें
✔ खेत में घास फूस न रहने दें

इससे पौधों को पूरा पोषण मिलता है और फसल मजबूत बनती है।

🐛 12. कीट और रोग प्रबंधन

कुल्थी मजबूत फसल है, लेकिन कुछ रोग नुकसान कर सकते हैं।

मुख्य कीट और रोग

✔ दीमक
✔ सफेद मक्खी
✔ फली बेधक
✔ पीला मोजेक
✔ जड़ सड़न

बचाव के आसान उपाय

✔ नीम का तेल 7 दिन में एक बार
✔ डायमेथोएट का छिड़काव
✔ जलभराव बिल्कुल न होने दें
✔ संक्रमित पौधे निकाल दें

समय पर नियंत्रण से आपकी 40 प्रतिशत तक फसल बच सकती है।

1️3. फसल की अवधि

कुल्थी की फसल बहुत जल्दी तैयार होती है।

✔ अगेती किस्में 90 दिन में
✔ सामान्य किस्में 100 से 120 दिन में

✂️1️4. कटाई और मड़ाई

जब पत्तियाँ पीली होकर गिरने लगें तब समझिए फसल तैयार है।

✔ पौधों को काटें
✔ धूप में 2 से 3 दिन सुखाएं
✔ सूखने के बाद मड़ाई करें
✔ साफ दाने निकालें

📦1️5. प्रति एकड़ पैदावार

साधारण खेती में
✔ 7 से 8 क्विंटल

अच्छी किस्म और देखभाल से
✔ 10 से 12 क्विंटल

💰1️6. बाजार भाव और मुनाफा

✔ औसत भाव 4000 रुपये प्रति क्विंटल
✔ औसत उत्पादन 8 क्विंटल

कमाई का हिसाब

कुल आय 32000 रुपये
खर्च लगभग 9000 रुपये
👉 शुद्ध लाभ 23000 रुपये प्रति एकड़

कम लागत में इतना मुनाफा बहुत अच्छी बात है।

🏠1️7. भंडारण

✔ दानों को पूरी तरह सुखाएं
✔ जूट या प्लास्टिक बैग में रखें
✔ सूखी और ठंडी जगह रखें
✔ नमी और कीड़ों से बचाएं

🏛️1️8. सरकारी योजनाएं

सरकार कुल्थी किसानों को कई लाभ देती है।

✔ राष्ट्रीय दलहन मिशन
✔ बीज पर सब्सिडी
✔ फसल बीमा योजना
✔ किसान क्रेडिट कार्ड

कुल्थी की खेती पर जरूरी सवाल

1. कुल्थी किस महीने बोनी चाहिए

जुलाई से अगस्त सबसे अच्छा समय है।

2. प्रति एकड़ कितने बीज चाहिए

10 से 12 किलो बीज पर्याप्त है।

3. कुल्थी कितने दिन में तैयार होती है

90 से 120 दिन में।

4. सबसे अच्छी किस्म कौन सी है

बिरसा कुल्थी, डी बी 7 और कोयम्बटूर।

5. कुल्थी में कितनी सिंचाई करनी चाहिए

2 से 3 बार पर्याप्त होती है।

6. कुल्थी की खेती में कितना खर्च आता है

करीब 8000 से 10000 रुपये प्रति एकड़।

7. कुल्थी का भाव कितना मिलता है

3500 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल।

8. कुल्थी की सबसे बड़ी बीमारी कौन सी है

पीला मोजेक और जड़ सड़न।

9. क्या कुल्थी कमजोर जमीन में उग सकती है

हाँ, यह कमजोर जमीन में भी अच्छी होती है।

10. क्या कुल्थी जैविक खेती के लिए सही है

हाँ, यह पूरी तरह जैविक फसल है।

🌟 निष्कर्ष

कुल्थी की खेती | Kulthi Ki Kheti आज के समय में किसानों के लिए सोने की फसल है। कम लागत, कम पानी, कम जोखिम और अच्छी कमाई इसकी सबसे बड़ी खासियत है। अगर आप अपनी खेती से ज्यादा लाभ कमाना चाहते हैं तो कुल्थी जरूर लगाएं।

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संदर्भ वेबसाइट्स:
👉 Indian Institute of Horticultural Research
👉 Krishi Vigyan Kendra Portal