तिलहन की खेती

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🌾 लोकप्रिय तिलहन

📅 तिलहन फसल कैलेंडर (भारत)
🌱 तिलहन फसल 🌱 बुवाई 🟢 देर से बुवाई 🌾 कटाई
🌼 सरसों अक्टूबर – नवंबर दिसंबर (प्रारम्भ) फरवरी – मार्च
🌼 राई अक्टूबर – नवंबर दिसंबर (प्रारम्भ) फरवरी – मार्च
🌼 तोरिया सितंबर – अक्टूबर नवंबर (प्रारम्भ) दिसंबर – जनवरी
🌼 कैनोला अक्टूबर – नवंबर दिसंबर (प्रारम्भ) फरवरी – मार्च
🥜 मूंगफली जून – जुलाई अगस्त (प्रारम्भ) अक्टूबर – नवंबर
🌻 सूरजमुखी जनवरी – फरवरी / जून – जुलाई मार्च / अगस्त अप्रैल – मई / सितंबर – अक्टूबर
🌿 तिल जून – जुलाई अगस्त (प्रारम्भ) सितंबर – अक्टूबर
🌱 सोयाबीन जून – जुलाई जुलाई (अंतिम सप्ताह) सितंबर – अक्टूबर
🌰 अलसी (तीसी) अक्टूबर – नवंबर दिसंबर (प्रारम्भ) मार्च – अप्रैल
🌼 कुसुम (सैफ्लावर) सितंबर – अक्टूबर नवंबर फरवरी – मार्च
🌴 अरंडी (कैस्टर) जून – जुलाई अगस्त दिसंबर – फरवरी
🌿 रामतिल (नाइजर) जून – जुलाई अगस्त सितंबर – अक्टूबर
🥥 नारियल जून – सितंबर अक्टूबर पूरे वर्ष (फल तुड़ाई)
🌴 ऑयल पाम जून – अगस्त सितंबर रोपण के 3–4 वर्ष बाद, पूरे वर्ष
🫒 जैतून (ऑलिव) दिसंबर – फरवरी (रोपण) मार्च नवंबर – जनवरी

🌱 किसान टूल्स

🌻 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

तिलहन फसलें क्या होती हैं?+

तिलहन वे फसलें हैं जिनके बीजों से खाद्य तेल प्राप्त किया जाता है। प्रमुख तिलहन फसलों में सरसों, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, सूरजमुखी, अलसी, अरंडी और रामतिल शामिल हैं।

भारत की प्रमुख तिलहन फसलें कौन-कौन सी हैं?+

भारत में सरसों, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, सूरजमुखी, अलसी, अरंडी, कुसुम (सैफ्लावर) और रामतिल प्रमुख तिलहन फसलें हैं।

सबसे अधिक लाभ देने वाली तिलहन फसल कौन सी है?+

लाभ बाजार भाव, उत्पादन और लागत पर निर्भर करता है। सामान्यतः सरसों, सोयाबीन और मूंगफली किसानों के लिए अधिक लाभदायक तिलहन फसलें मानी जाती हैं।

कम पानी में कौन सी तिलहन फसल उगाई जा सकती है?+

तिल, सरसों, अलसी और रामतिल अपेक्षाकृत कम पानी में अच्छी उपज देने वाली तिलहन फसलें हैं।

तिलहन फसलों के लिए कौन सी मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है?+

अच्छी जल निकासी वाली दोमट या बलुई दोमट मिट्टी अधिकांश तिलहन फसलों के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।

तिलहन फसलों में कौन सा उर्वरक उपयोग करना चाहिए?+

मिट्टी परीक्षण के आधार पर संतुलित NPK उर्वरकों के साथ जैविक खाद और आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों का प्रयोग करना चाहिए।