रागी की खेती | Ragi Ki Kheti

Ragi ki Kheti

रागी की खेती – मंडुआ की खेती का सम्पूर्ण मार्गदर्शन

भारत में परंपरागत अनाज फसलों में रागी (Mandua/Finger Millet) का विशेष स्थान है। इसे फिंगर बाजरा, अफ्रीकन रागी, लाल बाजरा जैसे नामों से भी जाना जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार रागी दुनिया की सबसे पुरानी अनाज फसल मानी जाती है। इसकी शुरुआत इथियोपिया के ऊँचे पर्वतीय प्रदेश से हुई मानी जाती है और लगभग 4000 वर्ष पहले भारत में लाई गई।

यह फसल सूखे क्षेत्रों के लिए वरदान है क्योंकि कम पानी में भी आसानी से उगाई जा सकती है। रागी गंभीर सूखे की स्थिति भी सहन कर सकती है तथा ऊँचाई वाले क्षेत्रों (हिमालयी क्षेत्र) में भी बेहतरीन उत्पादन देती है। यह 65 दिन में तैयार होने वाली तेज फसल भी है, हालांकि कुछ किस्में 90-120 दिनों में पकती हैं।

रागी में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, और अमीनो एसिड की मात्रा अधिक होती है। कैल्शियम लगभग 344 mg और पोटैशियम 408 mg प्रति 100g मिलता है। इसलिए हीमोग्लोबिन कम वाले लोगों के लिए रागी अत्यंत लाभदायक है। बच्चों के लिए इसका दलिया, रोटी, माल्ट अत्यंत पौष्टिक माना जाता है।

यह ग्रामीण, पहाड़ी, शुष्क एवं आम भारतीय किसानों के लिए कम लागत में अधिक फायदा देने वाली फसल है। खेती सही विधि से की जाए, तो 8-12 क्विंटल प्रति एकड़ तक पैदावार प्राप्त की जा सकती है।

रागी की खेती करने का सही तरीका – Step by Step Guide

रागी की खेती के लिए जलवायु (Climate Requirement)

विशेषताउपयुक्त स्थिति
तापमान (सामान्य)20-34°C
बुआई के समय तापमान30-34°C
कटाई तापमान20-30°C
वर्षा आवश्यकतालगभग 100 सेमी
सीजनखरीफ मुख्य, पर सालभर भी उगाई जा सकती है

नोट: अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में पनीरी विधि श्रेष्ठ है। सूखे क्षेत्र में सीधे बिजाई बेहतर।

मिट्टी (Soil Requirement)

  • रागी हल्की-दोमट से लेकर पहाड़ी जैविक मिट्टी तक में उगाई जा सकती है।
  • अच्छी जल-निकास वाली काली मिट्टी सबसे अच्छी।
  • pH 4.5-8 तक उपयुक्त।
  • बहुत जलभराव वाली मिट्टी में खेती न करें।

रागी की प्रसिद्ध किस्में (Varieties) और पैदावार

किस्मअवधि (दिन)पैदावार (क्विंटल/एकड़)विशेषता
PES 40098-1028जल्दी पकने वाली, भुरड़ रोग प्रतिरोधी
PES 176102-1058-9भूरे बीज, रोग प्रतिरोधी
KM-6598-1028-10पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तम
VL 315105-11510-11गर्दन तोड़ व भुरड़ रोग सहनशील
VL 14695-1009-10रोग प्रतिरोधी
VL 14998-10210-11अगेती, अनुकूल
VL 12495-100~10अनाज व चारे हेतु श्रेष्ठ
VL Mandua 35295-1008-10महाराष्ट्र, तमिलनाडु छोड़ बाकी राज्यों में उपयुक्त
VR 708, PES 110, PR 202, JNR 852, MR 374सूखा सहनशील व सामान्य खेती योग्य

उत्पादन उचित प्रबंधन पर 12 क्विंटल/एकड़ तक पहुँच सकता है।

खेत की तैयारी (Land Preparation)

फसल चक्र (Crop Rotation)

  • रागी के साथ चना, सरसों, अलसी, जौ, तंबाकू शामिल कर सकते हैं।
  • इससे मिट्टी की शक्ति बनी रहती है और उर्वरक की आवश्यकता कम पड़ती है।

अंतर फसली (Intercropping)

  • रागी + सोयाबीन (90:100%)
  • खरीफ में रागी- सोयाबीन तथा रबी में जवी (जौ) उत्तम चक्र।

जुताई

  • 2-3 गहरी जुताई कर खरपतवार नष्ट करें।
  • अंतिम जुताई में कसी/पाटा चलाकर खेत समतल करें।

बुवाई (Sowing Method)

विषयविवरण
बुवाई समयजून-जुलाई (खरीफ मुख्य), सभी सीजन संभव
बीज दर4 किलो प्रति एकड़
दूरी25×15 सेमी
गहराई3-4 सेमी से अधिक नहीं
विधिहाथ से छिटकवां, लाइन sowing, ड्रिल से, पनीरी विधि

पनीरी विधि (Nursery to Field Transplanting)

  • नर्सरी में मई-जून में बीज डालें।
  • 3-4 सप्ताह पुराने पौधे लगाएँ।
  • 2 किलो बीज/एकड़ नर्सरी हेतु पर्याप्त।
  • रोपाई से पहले जड़ों को एजोस्पाइरिलम घोल में 15-30 मिनट डुबोएं।

बीज उपचार (Seed Treatment)

रसायनमात्रा/किलो बीज
Thiram4 gm
Captan4 gm
Carbendazim2 gm

जैविक उपचार:
एजोस्पाइरिलम + एस्पर्जिलस 25g/kg लाभकारी।

खाद और उर्वरक प्रबंधन (Fertilizer Management per Acre)

उर्वरकमात्रा/एकड़
यूरिया52 kg
सिंगल सुपर फॉस्फेट खाद(SSP)80 kg
MOP (म्यूरेट ऑफ पोटाश)14 kg

पोषक तत्व आवश्यकता

नाइट्रोजन (N)फॉस्फोरस (P)पोटैशियम (K)
25 kg12 kg12 kg

तरीका

  • बुवाई से 1 माह पहले 5-10 टन गोबर खाद डालें।
  • बुवाई के समय P+K की पूरी मात्रा + N की आधी मात्रा।
  • बची नाइट्रोजन 30 व 50 दिन बाद दो हिस्सों में।

सिंचाई (Irrigation per Acre)

रागी वर्षा आधारित फसल है, पर सूखे में सिंचाई लाभकारी।

सिंचाईसमय
1stबुवाई के तुरंत बाद
2nd3 दिन बाद
3rd7 दिन बाद
4th12 दिन बाद
5th18 दिन बाद

खरपतवार नियंत्रण (Weed Control)

  • 2-3 गुड़ाई अनिवार्य।
  • रोकथाम हेतु:
    • Pre-emergence: Oxyfluorfen 1.25 kg/acre
    • Post-emergence (20-25 दिन): 2-4 D sodium salt 250 gm/acre

रागी के प्रमुख कीट व रोग नियंत्रण

समस्यापहचानसमाधान
कुतरा/सैनिक सुंडीजड़ों को काटनाMalathion 5% 10kg/acre छिड़काव
चेपापत्तों का पीला होनाDimethoate 200ml/acre
तना सफेद केंचुआतना पीला, सूखनाCarbaryl 1kg/acre
बालियों का टिड्डाबालियों को खानाPheromone trap+ Malathion spray
घास टिड्डापत्ते खानाCarbaryl 600gm/acre
पत्ता लपेट सुंडीपत्ते मुड़नाChlorpyrifos 2.5ml/L
भुरड़ रोगबालियां सड़नाCarbendazim seed treatment + spray
चित्तकबराकाले धब्बेMethyl demeton spray

कटाई और भंडारण

  • फसल 120-135 दिनों में तैयार, किस्म अनुसार।
  • कटाई 2 चरणों में – पहले बालियाँ, फिर तना।
  • 3-4 दिन धूप में सुखाकर मड़ाई करें।
  • दाने सुखाकर एयरटाइट कंटेनर में संग्रह करें।

रागी का उपयोग (Uses)

  • रागी का दलिया, रोटी, लड्डू, आटा
  • बच्चों के भोजन में अत्यंत लोकप्रिय
  • बीयर/उबालु पेय तैयार करने में उपयोग
  • पोषण की दृष्टि से आधुनिक स्वास्थ्य खाद्य उद्योग में मांग बढ़ती हुई
  • कैल्शियम रिच होने से हड्डियों के लिए सर्वोत्तम अनाज

रागी की खेती के लाभ (Benefits)

✔ कम पानी में उत्पादन
✔ सूखा सहनशील
✔ लागत कम, लाभ अधिक
✔ पोषण से भरपूर
✔ जैविक खेती में श्रेष्ठ
✔ पर्वतीय क्षेत्रों में अत्यधिक सफल

आवश्यक सुझाव (Extra Useful Tips for Farmers)

  • बीज प्रमाणित ही खरीदें।
  • खेत में जलभराव न होने दें।
  • जैविक कीट नियंत्रण अपनाने से लागत कम होगी।
  • पनीरी विधि से अधिक उत्पादन मिलता है।
  • मंडी में बेचने से पूर्व दाने अच्छी तरह सुखाएं।

🔗 अधिक जानकारी के लिए देखें: https://subsistencefarming.in/anaaj-ki-kheti/

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. रागी की खेती कब की जाती है?
खरीफ सीजन में जून-जुलाई में, पर उपयुक्त सिंचाई में सालभर उगा सकते हैं।

2. रागी की उपज प्रति एकड़ कितनी मिलती है?
औसतन 8-12 क्विंटल/एकड़, अच्छी देखभाल में अधिक भी।

3. रागी की बुवाई की दूरी कितनी होनी चाहिए?
25×15 सेमी दूरी सर्वोत्तम।

4. रागी के लिए सबसे अच्छी मिट्टी कौन सी?
अच्छी जल निकास वाली दोमट/काली मिट्टी। pH 4.5-8।

5. बीज दर प्रति एकड़ कितनी चाहिए?
लगभग 4 किलो प्रति एकड़।

6. क्या रागी को कम पानी में उगाया जा सकता है?
हाँ! यह सूखा सहनशील फसल है।

7. खाद कितनी डालनी चाहिए?
25:12:12 (NPK) संतुलन + 5-10 टन गोबर खाद।

8. प्रमुख रोग कौन से हैं?
भुरड़, चित्तकबरा, पत्ता लपेट सुंडी।

9. रागी में कैल्शियम की मात्रा कितनी होती है?
लगभग 344 mg प्रति 100 g।

10. क्या रागी बच्चों के लिए फायदेमंद है?
हाँ, दलिया/माल्ट के रूप में अत्यंत पौष्टिक।

अंत में किसान भाइयों के लिए संदेश

रागी (Mandua) एक ऐसी फसल है जो कम लागत में अधिक पोषण और अच्छी कमाई दोनों देती है। बदलते जलवायु और सूखे की चुनौतियों के बीच यह फसल किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच जैसी है। अगर आप जलवायु अनुसार सही किस्में, उपयुक्त खाद, सिंचाई और रोग नियंत्रण अपनाते हैं, तो बहुत अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

किसान भाइयों – रागी अपनाएं, मिट्टी बचाएं, सेहत भी बनाएं और मुनाफा भी बढ़ाएं!

जय किसान! 🌾🙏

संदर्भ (References)

  1. Indian Institute of Horticultural Research (भारतीय उद्यानिकी अनुसंधान संस्थान)
  2. Krishi Vigyan Kendra Portal (कृषि विज्ञान केंद्र पोर्टल)