उत्तर प्रदेश फार्मर आईडी योजना

उत्तर प्रदेश फार्मर आईडी योजना

📢 UP News: किसान योजनाओं की चाबी बनी फार्मर आईडी

🌾 बस्ती-गाजियाबाद-रामपुर टॉप पर

उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल तेजी से अपने निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है।
राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया फार्मर रजिस्ट्री अभियान अब केवल एक पंजीकरण प्रक्रिया नहीं रह गया है, बल्कि यह किसानों की पहचान, अधिकार और सरकारी योजनाओं तक सीधे लाभ पहुंचाने की चाबी बन चुका है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेशभर में किसानों की फार्मर आईडी बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।

🎯 सरकार का उद्देश्य क्या है?

सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि-

  • प्रदेश के हर वास्तविक किसान की डिजिटल पहचान बनाई जाए
  • किसानों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ मिले
  • फर्जी लाभार्थियों पर पूरी तरह रोक लगे

इसी लक्ष्य के तहत उत्तर प्रदेश में
2 करोड़ 88 लाख 70 हजार 495 किसानों के रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य तय किया गया है।

📊 60% से अधिक किसानों की फार्मर आईडी तैयार

ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार-

  • अब तक 1 करोड़ 75 लाख 30 हजार 760 से अधिक किसानों की
    फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है
  • यह कुल लक्ष्य का 60 प्रतिशत से अधिक है

कई जिले तो पहले ही 80% से ज्यादा रजिस्ट्रेशन पूरा कर चुके हैं, जिसे प्रशासन बड़ी उपलब्धि मान रहा है।

सरकार का मानना है कि फार्मर आईडी के जरिए-

  • योजनाओं में पारदर्शिता आएगी
  • गलत तरीके से किसान बनने वालों पर लगाम लगेगी

❓ फार्मर रजिस्ट्री क्या है और क्यों जरूरी है?

फार्मर रजिस्ट्री एक डिजिटल डेटाबेस है, जिसमें किसान की पूरी जानकारी दर्ज होती है, जैसे-

  • भूमि विवरण
  • बोई गई फसल
  • आधार नंबर
  • बैंक खाता विवरण

इसी आधार पर किसान को एक यूनिक फार्मर आईडी दी जाती है।

✅ फार्मर आईडी के बड़े फायदे

  • सभी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ
  • बिचौलियों और फर्जी किसानों पर रोक
  • पीएम किसान योजना में पारदर्शिता
  • सब्सिडी और मुआवजा सीधे खाते में
  • समय और पैसे की बचत

🏆 फार्मर रजिस्ट्री में बस्ती जिला सबसे आगे

उत्तर प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री के मामले में
बस्ती जिला पहले स्थान पर है।

  • 81.49% किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है

इसके बाद-

  • गाजियाबाद – 80.34%
  • रामपुर – 80.32%

इन तीनों जिलों में 80% से अधिक किसानों का पंजीकरण पूरा होना
प्रशासनिक सक्रियता का बड़ा उदाहरण है।

📍 टॉप-10 जिलों की पूरी लिस्ट

फार्मर रजिस्ट्री में आगे रहने वाले जिले-

  1. बस्ती – 81.49%
  2. गाजियाबाद – 80.34%
  3. रामपुर – 80.32%
  4. सीतापुर – 79.73%
  5. फिरोजाबाद – 79.59%
  6. प्रतापगढ़ – 75.65%
  7. बिजनौर – 74.98%
  8. जौनपुर – 72.84%
  9. पीलीभीत – 72.04%
  10. औरैया – 71.45%

इन जिलों में कृषि विभाग, लेखपाल और CSC केंद्रों की भूमिका अहम रही है।

⏳ 90 दिनों में 100% रजिस्ट्री का अल्टीमेट टारगेट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि-

  • अगले 90 दिनों में 100% फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो
  • हर जिले में दैनिक समीक्षा की जाए
  • कमजोर क्षेत्रों के लिए विशेष अभियान चलाया जाए

सीएम योगी ने कहा कि यह केवल आंकड़ों का नहीं,
बल्कि किसानों के भविष्य का सवाल है।

🚨 पीएम किसान लाभार्थियों के लिए जरूरी सूचना

सरकार ने साफ कर दिया है कि-

👉 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के
👉 सभी लाभार्थियों की फार्मर आईडी
👉 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य है

अगर तय समय तक फार्मर आईडी नहीं बनी,
तो भविष्य में पीएम किसान की किस्त रुक सकती है

✅ पीएम किसान सत्यापन में यूपी का रिकॉर्ड

उत्तर प्रदेश में-

  • 2 करोड़ 48 लाख 30 हजार 499 लाभार्थियों का
    सत्यापन पूरा हो चुका है

यह देश का सबसे बड़ा सत्यापन अभियान माना जा रहा है।

🏅 वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट पाने वाले जिले

इन जिलों को जिला स्तरीय वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट मिला है-

  • अम्बेडकर नगर
  • प्रतापगढ़
  • फर्रुखाबाद
  • बागपत
  • महराजगंज
  • मिर्जापुर
  • हरदोई
  • अयोध्या
  • बलिया
  • भदोही
  • सिद्धार्थनगर

📌 अब हर योजना के लिए फार्मर आईडी जरूरी

आने वाले समय में इन सभी योजनाओं के लिए
फार्मर आईडी अनिवार्य होगी-

  • फसल बीमा योजना
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
  • कृषि सब्सिडी
  • आपदा मुआवजा
  • बीज और खाद अनुदान

इससे सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।

📢 किसानों से सरकार की अपील

सरकार ने किसानों से अपील की है कि-

  • जल्द से जल्द फार्मर आईडी बनवाएं
  • नजदीकी CSC केंद्र / कृषि कार्यालय / पंचायत से संपर्क करें
  • आधार, खतौनी और बैंक विवरण साथ रखें

फार्मर आईडी ही भविष्य में
किसान की पहचान और योजनाओं का प्रवेश द्वार होगी।

🔚 निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश का फार्मर रजिस्ट्री अभियान
कृषि क्षेत्र में एक बड़ा डिजिटल परिवर्तन साबित हो रहा है।

बस्ती, गाजियाबाद और रामपुर जैसे जिलों ने दिखा दिया है कि
सही रणनीति से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

आने वाले 90 दिन बेहद अहम हैं।
यदि लक्ष्य पूरा होता है, तो उत्तर प्रदेश
100% डिजिटल किसान पहचान वाला देश का पहला राज्य बन सकता है।

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