गन्ने की खेती | Ganne Ki Kheti

Ganne ki Kheti

🌱 गन्ने की खेती: अधिक पैदावार के लिए पूरी गाइड

भारत में गन्ना (Sugarcane) एक प्रमुख नगदी फसल है। यह फसल न केवल किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि देश में चीनी उद्योग, गुड़ निर्माण, और एथेनॉल उत्पादन का भी आधार है। गन्ने की खेती से किसान साल भर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं, यदि खेती वैज्ञानिक ढंग से की जाए।

🌾 भूमि का चुनाव एवं तैयारी (Land Selection and Preparation)

गन्ने की अच्छी पैदावार के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है, जिसमें जल निकास अच्छा हो।
भूमि तैयार करने के लिए निम्नलिखित कदम अपनाएं:

  1. ग्रीष्मकाल में जुताई:
    मिट्टी पलटने वाले हल से दो बार आड़ी व खड़ी जुताई करें। इससे मिट्टी के भीतर कीट और खरपतवार नष्ट होते हैं।
  2. भुरभुरी मिट्टी तैयार करें:
    अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में बखर से जुताई करें, ताकि मिट्टी नरम और भुरभुरी हो जाए।
  3. समतल और नालियां बनाएं:
    पाटा चलाकर खेत को समतल करें। रिजर की मदद से 3 फुट की दूरी पर नालियां बनाएं।
    • यदि आप फरवरी-मार्च में गन्ना लगा रहे हैं, तो नालियों का अंतर 2 फुट रखें।
  4. भूमि उपचार:
    अंतिम बखरनी के समय लिंडेन 2% दवा (10 किलो प्रति एकड़) से मिट्टी का उपचार करें, ताकि कीटों से सुरक्षा हो।

🌿 गन्ना बोने का समय (Sowing Time)

गन्ना दो प्रमुख मौसमों में बोया जाता है:

  • अक्टूबर-नवंबर: अधिक पैदावार के लिए सबसे उत्तम समय।
  • फरवरी-मार्च: बसंत कालीन गन्ने की बुवाई के लिए उपयुक्त।

🌾 गन्ने की उन्नत किस्में (Improved Varieties of Sugarcane)

शीघ्र (9–10 माह में पकने वाली किस्में)

किस्मउपज (क्विं/एकड़)शक्कर (%)विशेषता
को. 7314320–36021रेडराट निरोधक, गुड़ के लिए उत्तम
को. 64320–36021गुड़ हेतु उपयुक्त, उत्तरी क्षेत्रों के लिए
को.सी. 671320–36022कीट प्रकोप कम, गुड़ व जड़ी के लिए श्रेष्ठ

मध्य से देर (12–14 माह में पकने वाली किस्में)

किस्मउपज (क्विं/एकड़)शक्कर (%)विशेषता
को. 6304380–40019कीट व रोग निरोधक, अधिक उपज वाली
को. 7318400–44018नरम, मधुशाला के लिए उपयुक्त
को. 6217360–40019कंडुवा निरोधक, उज्जैन क्षेत्र के लिए

नई उन्नत किस्में

किस्मउपजशक्करविशेषता
को. 8209360–40020लाल सड़न निरोधक, शक्कर अधिक
को. 87010320–36020रोग निरोधक, उज्जैन क्षेत्र के लिए उपयुक्त
जवाहर 86-141360–40021गुड़ हेतु उपयुक्त, संपूर्ण म.प्र. के लिए

🌾 बीज की मात्रा और बोने की विधि (Seed Rate & Sowing Method)

  • बीज मात्रा: प्रति हेक्टेयर लगभग 100–125 क्विंटल बीज या 1.25 लाख आंखें आवश्यक।
  • तैयारी: गन्ने के टुकड़ों को इस प्रकार काटें कि हर टुकड़े में 2–3 आंखें हों।
  • बीज उपचार:
    टुकड़ों को कार्बेन्डाजिम (2 ग्राम/लीटर) के घोल में 15–20 मिनट तक डुबोएं।
  • बोनी विधि:
    टुकड़ों को नालियों में रखें, मिट्टी से ढकें और सिंचाई करें।

🌾 अन्तवर्तीय फसलें (Intercropping in Sugarcane)

गन्ने के साथ प्याज, लहसुन, आलू, राजमा या मटर लगाना बहुत लाभकारी होता है।

  • इससे 6000–10000 रुपये तक अतिरिक्त आय मिलती है।
  • वसंत ऋतु में मूंग या उड़द बोने से 2000–2800 रुपये/एकड़ का अतिरिक्त लाभ होता है।

🌿 उर्वरक प्रबंधन (Fertilizer Management)

पोषक तत्वमात्रा/हेक्टेयरखाद का रूप
नाइट्रोजन300 किग्रा650 किग्रा यूरिया
फास्फोरस80 किग्रा500 किग्रा सुपरफॉस्फेट
पोटाश90 किग्रा150 किग्रा म्यूरेट ऑफ पोटाश

खाद देने का समय:

  • फास्फोरस व पोटाश बोनी के पूर्व दें।
  • नाइट्रोजन को 3–4 बार में विभाजित कर दें:
    1. अंकुरण के समय
    2. कल्ले निकलते समय
    3. मिट्टी चढ़ाते समय

जैविक विकल्प: गोबर की खाद या हरी खाद का उपयोग करें।

🌾 निराई और गुड़ाई (Weeding & Hoeing)

  • बोनी के 4 महीने तक खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है।
  • हाथ से 3–4 बार निराई करें।
  • रासायनिक नियंत्रण:
    • अंकुरण पूर्व: अट्राजिन (160 ग्राम/एकड़)
    • अंकुरण बाद: 2,4-डी सोडियम साल्ट (400 ग्राम/एकड़)

🌾 मिट्टी चढ़ाना (Earthing Up)

गन्ने को गिरने से बचाने के लिए मिट्टी चढ़ाना जरूरी है।

  • अक्टूबर-नवंबर में बोई फसल में:
    • पहली मिट्टी: फरवरी-मार्च
    • अंतिम मिट्टी: मई में

💧 सिंचाई प्रबंधन (Irrigation)

  • सर्दी में: हर 15 दिन में सिंचाई करें।
  • गर्मी में: हर 8–10 दिन पर सिंचाई करें।
  • विधि: सर्पाकार (फरो) विधि सबसे बेहतर है।
  • नमी संरक्षण:
    सूखी पत्तियों की 4–6 इंच मोटी परत नालियों में बिछाएं ताकि पानी की बचत हो।

🌾 बंधाई (Tying of Canes)

  • गन्ने के गिरने से बचाने के लिए गन्ने की झुंडियों को सूखी पत्तियों से बांधें।
  • यह कार्य अगस्त के अंत या सितंबर माह में करें।

🛡️ पौध संरक्षण (Crop Protection)

कीट/रोगनुकसान का प्रकारनियंत्रण
अग्र तना छेदकतने में सुरंग बनाता हैफोरेट-10G 600 ग्राम/एकड़
शीर्ष तना छेदकपत्तियों में छेद कर नुकसानकार्बोफ्यूरान 400 ग्राम/एकड़
जड़ छेदकजड़ों को खाता हैफोरेट-10G 400 ग्राम/एकड़
पायरिललारस चूसता हैमेलाथियान 0.05% का स्प्रे
लाल सड़नगूदा लाल हो जाता हैगर्म हवा उपचार व फफूंदनाशी दवा
कंडुवा (स्मट)गन्ना पतला व हल्काएगेलाल दवा से बीज उपचार

🌾 गन्ने की पेड़ी फसल (Ratoon Crop Management)

कई किसान पेड़ी फसल पर ध्यान नहीं देते, लेकिन सही तरीके से देखभाल करने पर मुख्य फसल जितनी उपज ली जा सकती है।

पेड़ी फसल के लाभ:

  • लागत कम (बीज व जुताई की आवश्यकता नहीं)
  • मिठास अधिक
  • जल्दी तैयार होती है

उपयुक्त किस्में:
को.1305, को.7314, को.7318, को.775, को.1148, को.1287 आदि।

🌾 फसल कटाई और देखभाल (Harvesting and Field Care)

  • कटाई का समय: फरवरी–मार्च में करें।
  • नीचे से काटें: ताकि स्वस्थ कल्ले निकलें।
  • खेत की सफाई: पत्तियों व अवशेषों से कम्पोस्ट खाद बनाएं।
  • कटे ठूंठ पर स्प्रे: कार्बेन्डाजिम (550 ग्राम/250 लीटर पानी) से छिड़काव करें।

🌱 खेत में खाली जगह भरना

जहां 1 फुट से अधिक खाली स्थान हो, वहां नए उपचारित टुकड़े लगाएं और सिंचाई करें। इससे खेत की पैदावार बढ़ती है।

🌾 सूखी पत्तियों का उपयोग

किसान अक्सर सूखी पत्तियों को जला देते हैं, लेकिन यह नुकसानदायक है।
इसके बजाय:

  • सूखी पत्तियां नालियों में बिछाएं।
  • इसके बाद 10 किलो BHC 10% चूर्ण प्रति एकड़ का छिड़काव करें।
    इससे नमी बनी रहती है और कीट नियंत्रण होता है।

❓ गन्ने की खेती से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs)

1. गन्ने की खेती के लिए कौन सी मिट्टी सबसे अच्छी होती है?

दोमट मिट्टी जिसमें जल निकास अच्छा हो, गन्ने की खेती के लिए सर्वोत्तम होती है।

2. गन्ने की बुवाई कब करनी चाहिए?

अक्टूबर–नवंबर और फरवरी–मार्च सबसे उपयुक्त समय है।

3. गन्ने की कौन-कौन सी किस्में ज्यादा उपज देती हैं?

को.7314, को.7318, को.8209 और जवाहर 86-141 प्रमुख हैं।

4. एक एकड़ में गन्ने की कितनी पैदावार होती है?

किस्म के अनुसार 320 से 600 क्विंटल प्रति एकड़ तक उपज मिल सकती है।

5. गन्ने की फसल में कौन से उर्वरक देने चाहिए?

नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का संतुलित तरीके से उपयोग करें।

6. गन्ने के साथ कौन सी अन्तवर्तीय फसलें लाभकारी हैं?

प्याज, लहसुन, आलू, मटर, मूंग, उड़द आदि।

7. गन्ने की फसल में कौन से रोग अधिक लगते हैं?

लाल सड़न, स्मट और तना छेदक प्रमुख रोग हैं।

8. गन्ने की पेड़ी फसल क्या है?

मुख्य फसल के बाद बिना नई बुवाई के उसी खेत से दूसरी फसल लेना पेड़ी कहलाती है।

9. गन्ने की फसल को गिरने से कैसे बचाएं?

सूखी पत्तियों से झुंडियों को बांधें और मिट्टी चढ़ाएं।

10. गन्ने की खेती में पानी की बचत कैसे करें?

सूखी पत्तियों की परत बिछाएं और एक गेरड़ छोड़कर सिंचाई करें।

अगर आप नगदी फसलों की खेती से जुड़ी और जानकारी चाहते हैं, तो इस वेबसाइट पर जरूर जाएं:
👉 https://subsistencefarming.in/nagdi-fasalen/

🌾 निष्कर्ष (Conclusion)

गन्ने की खेती मेहनत और समझदारी दोनों मांगती है। यदि किसान भूमि की सही तैयारी, उन्नत किस्मों, खाद प्रबंधन, और पौध संरक्षण पर ध्यान दें, तो प्रति एकड़ अधिक पैदावार और लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

प्रिय किसानों, गन्ना केवल एक फसल नहीं — यह आपके परिश्रम, धैर्य और सफलता का प्रतीक है।
सही तकनीक अपनाएं, मिट्टी से मिठास उगाएं! 🌱🇮🇳