कल्टीवेटर | Cultivator

🌱 Cultivator क्या है? प्रकार, उपयोग और फायदे – Hand, Animal, Rigid Tine, Rotary, Duck Foot और Disc Cultivator की पूरी जानकारी
Cultivator (कल्टीवेटर) खेती का एक प्रमुख कृषि उपकरण है जिसका उपयोग खेत की जुताई, मिट्टी को ढीला करने, खरपतवार हटाने और बीज बोने से पहले भूमि तैयार करने के लिए किया जाता है।
यह पारंपरिक हल की जगह अब आधुनिक खेती में सबसे अधिक प्रयोग होने वाला औजार बन चुका है।
कल्टीवेटर का मुख्य उद्देश्य है –
- मिट्टी को मुलायम और हवादार बनाना,
- नमी को संरक्षित रखना,
- खरपतवारों को नष्ट करना,
- और बीज अंकुरण के लिए आदर्श भूमि तैयार करना।
🚜 Cultivator का इतिहास और विकास
पहले के समय में किसान खेती के लिए हल या बैल की मदद से जुताई करते थे। लेकिन जैसे-जैसे खेती में तकनीक आई, उसी के साथ जुताई के उपकरणों में भी बदलाव आया।
Cultivator की शुरुआत हाथ से चलने वाले छोटे औजारों से हुई थी, फिर पशु शक्ति और अंत में ट्रैक्टर संचालित आधुनिक कल्टीवेटर विकसित हुए।
आज बाजार में Manual, Animal-drawn और Tractor-operated cultivators के विभिन्न प्रकार उपलब्ध हैं, जो अलग-अलग फसलों और भूमि के अनुसार उपयोग किए जाते हैं।
🌾 Cultivator के मुख्य प्रकार (Types of Cultivator)
1. Hand Cultivator (हैंड कल्टीवेटर)

Hand Cultivator एक छोटा हाथ से चलने वाला औजार है जिसका उपयोग मुख्य रूप से बगीचों, सब्जी के खेतों या छोटे फसली क्षेत्रों में किया जाता है।
यह हल्का, सस्ता और आसानी से प्रयोग में लाया जाने वाला उपकरण है।
विशेषताएँ और उपयोग
- छोटे खेतों और घरेलू बागवानी में उपयुक्त
- मिट्टी को ढीला करने और खरपतवार निकालने के लिए
- हेंडल और दांत (tines) से बना होता है
- किसी ऊर्जा स्रोत की आवश्यकता नहीं होती
फायदे
- किफायती और टिकाऊ
- आसानी से मरम्मत योग्य
- कम रखरखाव लागत
सीमाएँ
- बड़े खेतों के लिए उपयुक्त नहीं
- श्रम और समय अधिक लगता है
2. Animal Cultivator (एनिमल कल्टीवेटर)

Animal Cultivator या पशु शक्ति संचालित कल्टीवेटर उन इलाकों में लोकप्रिय है जहाँ ट्रैक्टर की उपलब्धता सीमित होती है।
यह बैलों या घोड़ों की सहायता से खेत की जुताई करता है।
विशेषताएँ और उपयोग
- हल या जुए से जुड़ा होता है
- छोटे से मध्यम आकार के खेतों में उपयोगी
- मिट्टी की ऊपरी सतह को पलटने और खरपतवार हटाने में सक्षम
फायदे
- ईंधन की जरूरत नहीं
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सस्ता विकल्प
- मिट्टी की प्राकृतिक संरचना बनी रहती है
सीमाएँ
- समय अधिक लगता है
- पशु देखभाल की लागत होती है
- गहरी जुताई नहीं कर पाता
3. Rigid Tine Cultivator (रिजिड टाइन कल्टीवेटर)

Rigid Tine Cultivator में कठोर स्टील के दांत होते हैं जो मजबूत और कड़ी मिट्टी में भी आसानी से प्रवेश कर सकते हैं।
यह ट्रैक्टर से संचालित होता है और गहरी जुताई के लिए उपयुक्त है।
विशेषताएँ
- 7 से 13 टाइन (tines) लगे होते हैं
- भारी भूमि और सूखी मिट्टी के लिए आदर्श
- पंक्तिबद्ध फसलों में मिट्टी ढीली करने के लिए
फायदे
- गहरी जुताई की क्षमता
- मिट्टी का अच्छा मिश्रण
- कम समय में बड़ा क्षेत्र तैयार
सीमाएँ
- महंगा और भारी उपकरण
- केवल ट्रैक्टर से संचालित
4. Rotary Cultivator / Rotavator (रोटरी कल्टीवेटर / रोटावेटर)

Rotary Cultivator जिसे आमतौर पर Rotavator कहा जाता है, खेती की सबसे लोकप्रिय आधुनिक मशीन है।
यह एक पावर-ड्रिवन उपकरण है जिसमें घूमते ब्लेड (rotary blades) मिट्टी को पूरी तरह पलट देते हैं।
उपयोग
- बीज बोने से पहले भूमि तैयार करने में
- खरपतवार नियंत्रण के लिए
- मिट्टी में खाद मिलाने के लिए
फायदे
- समय की बचत
- बेहतर मिट्टी मिश्रण और नमी संरक्षण
- सभी प्रकार की मिट्टी में उपयोगी
सीमाएँ
- ईंधन खर्च अधिक
- नियमित रखरखाव जरूरी
- शुरुआती लागत ज्यादा
5. Duck Foot Cultivator (डक फुट कल्टीवेटर)

Duck Foot Cultivator का नाम इसके डक-फुट (बतख के पैर) जैसे ब्लेड से पड़ा है। यह ब्लेड सतह के पास चलकर खरपतवार काटते हैं और मिट्टी को ढीला करते हैं।
उपयोग
- खरपतवार नियंत्रण
- बीज बोने से पहले और बाद की जुताई
- हल्की और मध्यम मिट्टी में कार्यशील
फायदे
- खरपतवार नियंत्रण में अत्यंत प्रभावी
- हल्की संरचना, कम रखरखाव
- मिट्टी की सतह को समतल बनाता है
सीमाएँ
- कठोर मिट्टी में कम प्रभावी
- ज्यादा गहराई तक नहीं जा सकता
6. Disc Cultivator (डिस्क कल्टीवेटर)

Disc Cultivator में गोल डिस्क ब्लेड्स होते हैं जो मिट्टी को काटकर पलटते हैं। यह भारी और पत्थरीली मिट्टी के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
उपयोग
- नई भूमि तोड़ने के लिए
- खरपतवार और फसल अवशेष हटाने के लिए
- कड़ी और सूखी मिट्टी में काम करने के लिए
फायदे
- उच्च दक्षता और गहराई तक जुताई
- मिट्टी को समतल और भुरभुरा बनाता है
- रोटरी कल्टीवेटर से कम ईंधन खपत
सीमाएँ
- वजन अधिक, इसलिए बड़े ट्रैक्टर की आवश्यकता
- रखरखाव लागत अधिक
🌾 Cultivator के उपयोग से होने वाले लाभ
- खेत की तैयारी तेजी से होती है
- खरपतवार नियंत्रण बेहतर होता है
- मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है
- फसल की पैदावार बढ़ती है
- समय और श्रम दोनों की बचत होती है
- सिंचाई और पोषण क्षमता बढ़ती है
- मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है
⚙️ Cultivator चुनते समय ध्यान देने योग्य बातें
- खेत का आकार और मिट्टी का प्रकार
- ट्रैक्टर की क्षमता
- बजट और रखरखाव लागत
- ब्रांड और सर्विस उपलब्धता
- उपकरण की टिकाऊ गुणवत्ता
🌾 भारत में लोकप्रिय Cultivator ब्रांड्स
- Mahindra Cultivator
- Sonalika
- Fieldking
- Shaktiman
- Landforce
- Swaraj
- Captain
ये ब्रांड्स अलग-अलग क्षमता और टाइन संख्या वाले मॉडलों में कल्टीवेटर प्रदान करते हैं।
🌿 आधुनिक खेती में Cultivator की भूमिका
आज की Precision Farming (सटीक खेती) में कल्टीवेटर की भूमिका और भी अहम हो गई है।
GPS-संचालित ट्रैक्टर और सेंसर आधारित रोटावेटर अब किसानों को न केवल समय बचाने में बल्कि उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने में भी मदद कर रहे हैं।
⚙️ भारत सरकार द्वारा Cultivator पर मिलने वाली सब्सिडी और योजनाएँ
भारत सरकार किसानों को खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए कई कृषि यंत्र अनुदान योजनाएँ (Subsidy Schemes) प्रदान करती है।
Cultivator खरीदने पर किसान को 50% तक सब्सिडी (अनुदान) दी जाती है, जो राज्य और योजना के अनुसार भिन्न हो सकती है।
🌿 1. प्रधानमंत्री कृषि यंत्र योजना (PM Kisan Agricultural Machinery Scheme)
यह भारत सरकार की प्रमुख योजना है, जिसके तहत किसान आधुनिक कृषि उपकरण जैसे Rotavator, Cultivator, Seed Drill, Tractor आदि सब्सिडी दर पर खरीद सकते हैं।
मुख्य बिंदु:
- सभी राज्यों में लागू
- ऑनलाइन आवेदन (agriportal.gov.in या राज्य कृषि विभाग वेबसाइट)
- 40% से 50% तक सब्सिडी
- SC/ST और महिला किसानों को अतिरिक्त 10% लाभ
- अधिकतम सब्सिडी ₹40,000 – ₹60,000 (Cultivator के प्रकार पर निर्भर)
🌿 2. कृषि यांत्रिकीकरण योजना (Sub-Mission on Agricultural Mechanization – SMAM)
यह योजना कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित है। इसका उद्देश्य खेती में आधुनिक मशीनरी को बढ़ावा देना है।
फायदे:
- Cultivator सहित सभी कृषि यंत्रों पर सब्सिडी
- 40–50% अनुदान (महिला/अनुसूचित वर्ग के किसानों के लिए 60%)
- आवेदन किसान सेवा केंद्र या CSC के माध्यम से
- लाभार्थियों को मशीन सीधे निर्माता से मिलती है
🌿 3. राज्य स्तरीय कृषि यंत्र अनुदान योजनाएँ
हर राज्य अपनी कृषि नीति के अनुसार विशेष सब्सिडी योजनाएँ चलाता है। जैसे:
| राज्य | सब्सिडी प्रतिशत | संबंधित वेबसाइट |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 40–50% | upagripardarshi.gov.in |
| मध्य प्रदेश | 50% | mpkrishi.mp.gov.in |
| राजस्थान | 50% | agriculture.rajasthan.gov.in |
| बिहार | 40% | dbtagriculture.bihar.gov.in |
| महाराष्ट्र | 40–50% | krishi.maharashtra.gov.in |
🌿 4. कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) योजना
जिन किसानों के पास Cultivator खरीदने की क्षमता नहीं है, वे Custom Hiring Center (CHC) से मशीन किराये पर ले सकते हैं।
भारत सरकार इन केंद्रों की स्थापना पर भी 80% तक अनुदान देती है।
फायदे:
- छोटे और सीमांत किसानों के लिए सस्ता विकल्प
- सामूहिक खेती को बढ़ावा
- रखरखाव की जिम्मेदारी केंद्र की
💰 Cultivator की अनुमानित कीमतें (भारत में)
| कल्टीवेटर प्रकार | औसत मूल्य (₹) |
|---|---|
| Hand Cultivator | ₹500 – ₹1,500 |
| Animal Cultivator | ₹8,000 – ₹15,000 |
| Rigid Tine Cultivator | ₹30,000 – ₹60,000 |
| Rotary / Rotavator | ₹60,000 – ₹1,20,000 |
| Duck Foot Cultivator | ₹25,000 – ₹40,000 |
| Disc Cultivator | ₹50,000 – ₹90,000 |
💡 ध्यान दें: सरकारी सब्सिडी मिलने पर यह कीमत 40%–60% तक कम हो सकती है।
📋 Cultivator पर सब्सिडी कैसे प्राप्त करें?
Step-by-Step प्रक्रिया:
- अपने राज्य की कृषि विभाग वेबसाइट पर जाएँ।
- “कृषि यंत्र सब्सिडी आवेदन” सेक्शन खोलें।
- अपना PM-Kisan रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर डालें।
- Cultivator के प्रकार का चयन करें।
- दस्तावेज़ अपलोड करें (आधार कार्ड, किसान पंजीकरण, बैंक पासबुक)।
- आवेदन सबमिट करें और रसीद डाउनलोड करें।
- अनुमोदन के बाद सब्सिडी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती है।
🌾 निष्कर्ष (Conclusion)
Cultivator खेती का ऐसा उपकरण है जिसने भारतीय कृषि को तेज, सटीक और उत्पादक बनाया है।
चाहे वह Hand Cultivator हो या आधुनिक Rotary Rotavator — हर प्रकार का कल्टीवेटर अपनी खास भूमिका निभाता है।
यह न केवल खेत की मिट्टी को उपजाऊ बनाता है बल्कि फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों को बढ़ाता है।
यदि आप किसान हैं और अपनी खेती में दक्षता बढ़ाना चाहते हैं, तो अपने खेत की आवश्यकता के अनुसार सही Cultivator का चुनाव अवश्य करें।
यह उपकरण आपके खेत का सच्चा साथी है – जो हर मौसम में मेहनत कम और उपज ज़्यादा देता है।
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