अंगूर की खेती | Angoor Ki Kheti

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अंगूर की खेती कैसे करें: किस्में, लागत, लाभ व तकनीक

अंगूर की खेती भारत में एक लाभकारी, नकदी और निर्यात योग्य फसल मानी जाती है। सही तकनीक अपनाने पर किसान प्रति एकड़ अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। अंगूर का उपयोग केवल ताजा फल के रूप में ही नहीं, बल्कि किशमिश, जूस, जैम, जेली, सिरका, वाइन, बीज का तेल और औषधीय उत्पादों में भी किया जाता है।

आम जानकारी

अंगूर विश्व की एक अत्यंत प्रसिद्ध फसल है और अधिकतर देशों में इसे व्यावसायिक स्तर पर उगाया जाता है। यह एक सदाबहार बेल है, जिसके पत्ते वर्ष में एक बार झड़ते हैं।

अंगूर विटामिन-B, तथा खनिज तत्वों जैसे कैल्शियम, फॉस्फोरस और आयरन का अच्छा स्रोत है।

स्वास्थ्य की दृष्टि से अंगूर:

  • शुगर नियंत्रण में सहायक
  • हृदय रोगों में लाभदायक
  • अस्थमा, कब्ज और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी
  • त्वचा और बालों से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी

विश्व में अंगूर उत्पादन के प्रमुख देश हैं – फ्रांस, अमेरिका, तुर्की, दक्षिण अफ्रीका, चीन, पुर्तगाल, अर्जेंटीना, ईरान, इटली और चिली। इनमें चीन सबसे बड़ा उत्पादक देश है।

अंगूर की खेती के लिए जलवायु

  • शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु सर्वोत्तम
  • तापमान: 15°C से 35°C
  • पकने के समय वर्षा नुकसानदायक होती है
  • तेज हवा और पाला हानिकारक

मिट्टी (Soil for Grapes Farming)

अंगूर की खेती कई प्रकार की मिट्टियों में की जा सकती है, लेकिन सर्वोत्तम परिणाम के लिए:

  • उपजाऊ, भुरभुरी और जल-निकास वाली मिट्टी
  • pH मान: 6.5 से 8.5
  • जल जमाव वाली भूमि से बचें

प्रसिद्ध किस्में और प्रति एकड़ पैदावार

Punjab MACS Purple

  • जामुनी रंग, बीज युक्त
  • जून के पहले सप्ताह में पकने वाली
  • जूस और नेक्टर के लिए उपयुक्त
  • औसत पैदावार: 8–10 टन/एकड़

Perlette

  • अधिक उपज देने वाली किस्म
  • TSS: 16–18%
  • औसत पैदावार: 10–12 टन/एकड़

Beauty Seedless

  • बीज रहित, नीले-काले रंग की
  • ताजा खाने के लिए उत्तम
  • औसत पैदावार: 9–11 टन/एकड़

Flame Seedless

  • कुरकुरे, हल्के जामुनी फल
  • जून के दूसरे सप्ताह में तैयार
  • औसत पैदावार: 8–10 टन/एकड़

Superior Seedless

  • मध्यम से बड़े गुच्छे
  • शुगर: 10%
  • औसत पैदावार: 8–9 टन/एकड़

अन्य राज्यों की प्रमुख किस्में

किशमिश बनाने हेतु

  • Thompson Seedless
  • Black Sahebi

कच्चा खाने हेतु

  • Thompson Seedless
  • Beauty Seedless
  • Anab-e-Shahi

जूस बनाने हेतु

  • Beauty Seedless
  • Black Prince

वाइन निर्माण हेतु

  • Rangspray
  • Cholhu White
  • Cholhu Red

निचले पहाड़ी क्षेत्र

  • Perlette
  • Beauty Seedless
  • Delight
  • Himred

ज़मीन की तैयारी

  • 3–4 गहरी जुताई ट्रैक्टर से
  • 3 बार हैरो चलाएं
  • खेत भुरभुरा और समतल होना चाहिए

बिजाई (रोपाई विधि)

बिजाई का समय

  • दिसंबर से जनवरी

फासला (Spacing)

  • निफिन विधि: 3 × 3 मीटर
  • आरबोर विधि: 5 × 3 मीटर
  • Anab-e-Shahi: 6 × 3 मीटर

👉 एक एकड़ में औसतन 450–500 बेलें लगती हैं।

रोपाई की गहराई

  • 1 मीटर

खाद एवं उर्वरक प्रबंधन (प्रति एकड़ अनुमान)

वर्षगोबर खाद (क्विंटल)नाइट्रोजनफॉस्फोरसपोटाश
1st90–10012–15 kg30–35 kg10–12 kg
3rd200–22025–30 kg60–70 kg25–30 kg
5th350–40045–50 kg90–100 kg40–45 kg

👉 यूरिया व पोटाश दो भागों में दें।
👉 फूल आने व फल बनने पर यूरिया का फोलियर स्प्रे करें।

खरपतवार नियंत्रण

  • Stomp @ 800 ml/एकड़ (अंकुरण से पहले)
  • Glyphosate @ 1.6 लीटर/एकड़ (अंकुरण के बाद)

सिंचाई प्रबंधन

समयसिंचाई
फरवरी1
मार्च1
अप्रैल–मई10 दिन के अंतर पर
जून3–4 दिन पर
जुलाई–अक्टूबरआवश्यकता अनुसार
नवंबर–जनवरीमिट्टी सूखने पर

👉 ड्रिप सिंचाई सबसे उत्तम है।

हानिकारक कीट और नियंत्रण

भुंडियां

  • उपचार: मैलाथियान 400 ml/एकड़

थ्रिप्स व तेला

  • उपचार: मैलाथियान 400 ml/एकड़

पत्ता लपेट सुंडी

  • उपचार: क्विनालफॉस 600 ml/एकड़

पीली व लाल ततैया

  • उपचार: क्विनालफॉस 600 ml/एकड़

बीमारियां और रोकथाम

पाउडरी मिल्ड्यू

  • उपचार: कार्बेन्डाजिम 400 g/एकड़

डाउनी मिल्ड्यू

  • उपचार: मैनकोजेब 400–500 g/एकड़

एन्थ्रेक्नोज

  • उपचार: कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 400 g/एकड़

फसल की कटाई

  • फल पूरी तरह पकने पर तुड़ाई
  • सुबह या शाम को कटाई करें

कटाई के बाद प्रबंधन

  • 6 घंटे के भीतर 4.4°C पर प्री-कूलिंग
  • लंबी दूरी हेतु कंटेनर पैकिंग

अंगूर की खेती से प्रति एकड़ लाभ

  • लागत: ₹1.5–2 लाख/एकड़
  • उत्पादन: 8–12 टन
  • बिक्री मूल्य: ₹30–60/kg
    👉 शुद्ध लाभ: ₹2–4 लाख/एकड़

FAQs – अंगूर की खेती से जुड़े सवाल

1. अंगूर की खेती कौन-से राज्य में सबसे अच्छी होती है?

महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा।

2. अंगूर फल देने में कितना समय लेता है?

2–3 वर्ष में उत्पादन शुरू हो जाता है।

3. एक एकड़ में कितनी बेलें लगती हैं?

लगभग 450–500

4. सबसे लाभदायक किस्म कौन-सी है?

Thompson Seedless और Perlette।

5. ड्रिप सिंचाई जरूरी है क्या?

हाँ, पानी व खाद दोनों की बचत होती है।

6. अंगूर में फूल कब आते हैं?

फरवरी–मार्च में।

7. अंगूर का निर्यात संभव है?

हाँ, यह निर्यात योग्य फसल है।

8. अंगूर की सबसे बड़ी बीमारी कौन-सी है?

डाउनी और पाउडरी मिल्ड्यू।

9. अंगूर की तुड़ाई कब करें?

जब TSS 16–18% हो जाए।

10. अंगूर की खेती से किसान कैसे समृद्ध हो सकता है?

उन्नत किस्म, सही प्रबंधन और बाजार से सीधा जुड़कर।

निष्कर्ष (Conclusion)

अंगूर की खेती आज के समय में भारतीय किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है। सही किस्म, वैज्ञानिक तकनीक, संतुलित खाद, समय पर सिंचाई और रोग-कीट नियंत्रण अपनाकर किसान कम भूमि में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। यदि आप आधुनिक बागवानी की ओर बढ़ना चाहते हैं, तो अंगूर की खेती आपके भविष्य को मजबूत बना सकती है।

👉 अधिक जानकारी के लिए देखें:
https://subsistencefarming.in/phalon-ki-kheti/

संदर्भ स्रोत:

  • भारत सरकार – Vikaspedia
  • HP Agriculture Department
  • Indian Institute of Horticultural Research
  • Krishi Vigyan Kendra Portal

🌱 मेहनत, सही जानकारी और धैर्य – यही सफल अंगूर किसान की पहचान है।