तंबाकू की खेती | Tobacco Ki Kheti

तंबाकू की खेती

तंबाकू की खेती

तंबाकू की खेती भारत की प्रमुख नगदी फसलों में से एक मानी जाती है। यह फसल लाखों किसानों की आजीविका का साधन है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। भारत में तंबाकू का उपयोग बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, चबाने वाला तंबाकू, सूंघने वाला तंबाकू, दवाइयों और औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है। सही तकनीक, उचित प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर किसान तंबाकू की खेती से प्रति एकड़ अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

तंबाकू निकोटियाना जीनस की फसल है, जिसमें 60 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं। व्यावसायिक रूप से भारत में मुख्य रूप से Nicotiana tabacum और Nicotiana rustica की खेती की जाती है। N. tabacum पूरी दुनिया में उगाई जाती है, जबकि N. rustica भारत, रूस और कुछ एशियाई देशों तक सीमित है। N. tabacum की उत्पत्ति दक्षिण अमेरिका से और N. rustica की उत्पत्ति पेरू से मानी जाती है।

भारत में तंबाकू की खेती मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और बिहार में होती है। गुजरात अकेले तंबाकू के कुल क्षेत्रफल का लगभग 45 प्रतिशत और उत्पादन का लगभग 30 प्रतिशत योगदान देता है।

इस लेख में हम तंबाकू की खेती | Tobacco Ki Kheti से जुड़ी पूरी जानकारी सरल और ग्रामीण किसानों की भाषा में, प्रति एकड़ के आधार पर विस्तार से समझेंगे।

तंबाकू की खेती के लिए लाइसेंस का सारांश और महत्व

सरकार ने तंबाकू की खेती करने वाले किसानों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरा निर्णय लिया है। अब तंबाकू किसानों का रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र या लाइसेंस एक साल के बजाय तीन साल तक वैध रहेगा। पहले किसानों को हर साल लाइसेंस रिन्यू करवाना पड़ता था, जिसमें समय, पैसा और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगते थे।

इस नए फैसले के अनुसार देशभर के लगभग 83,500 तंबाकू किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। खास तौर पर आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के किसान इस फैसले से सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। इन राज्यों में करीब 91,000 खलिहानों को कवर करने वाले किसानों को अब बार बार लाइसेंस नवीनीकरण की परेशानी से राहत मिलेगी।

तंबाकू की खेती के लिए लाइसेंस क्यों जरूरी है

  1. तंबाकू एक नियंत्रित नगदी फसल है, इसलिए इसकी खेती बिना लाइसेंस के करना कानूनी रूप से सही नहीं है।
  2. लाइसेंस होने से किसान अपनी उपज को अधिकृत मंडियों और खरीदारों को बेच सकता है।
  3. सरकार द्वारा तय किए गए क्षेत्र और उत्पादन सीमा के भीतर खेती संभव होती है।
  4. लाइसेंसधारी किसानों को सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता का लाभ मिलता है।
  5. फसल की सही निगरानी होने से अवैध खेती और कालाबाजारी पर रोक लगती है।

1. तंबाकू की खेती का महत्व

  1. तंबाकू भारत की प्रमुख नगदी फसल है।
  2. इससे किसानों को कम समय में अधिक आय मिलती है।
  3. यह फसल कम कीट और रोगों से प्रभावित होती है।
  4. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करती है।
  5. बीड़ी उद्योग, सिगरेट उद्योग और औषधि उद्योग इससे जुड़े हैं।

2. भारत में तंबाकू की प्रमुख किस्में

2.1 N. tabacum

  1. सिगरेट, सिगार और फिल्टर तंबाकू के लिए उपयोगी
  2. बड़े पत्तों वाली किस्म
  3. उच्च गुणवत्ता और निर्यात योग्य

2.2 N. rustica

  1. चबाने, हुक्का और सूंघने वाले तंबाकू में उपयोग
  2. पत्तियाँ छोटी लेकिन निकोटीन अधिक
  3. घरेलू बाजार में अधिक मांग

3. भारत में तंबाकू के प्रकार और क्षेत्र

  1. FCV तंबाकू
    आंध्र प्रदेश और कर्नाटक
  2. बीड़ी तंबाकू
    गुजरात और कर्नाटक
  3. सिगार और चेरूट
    तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल
  4. हुक्का तंबाकू
    असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश
  5. चबाने और सूंघने वाला तंबाकू
    तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम और उत्तर प्रदेश

4. तंबाकू की खेती के लिए जलवायु

  1. आदर्श तापमान 20 से 27 डिग्री सेल्सियस
  2. प्रति एकड़ लगभग 500 मिलीमीटर समान वर्षा उपयुक्त
  3. 1200 मिलीमीटर से अधिक वर्षा नुकसानदायक
  4. पकने के समय बारिश से पत्तियों की गुणवत्ता खराब होती है
  5. शीतकालीन फसल के रूप में सबसे उपयुक्त

5. तंबाकू की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी

5.1 सिगार और बाइंडर तंबाकू

  1. रेतीली से दोमट लाल मिट्टी
  2. अच्छी जल निकासी जरूरी
  3. नाइट्रोजन, पोटाश, कैल्शियम और मैग्नीशियम की अधिक आवश्यकता

5.2 बीड़ी तंबाकू

  1. हल्की से मध्यम दोमट पुरानी जलोढ़ मिट्टी
  2. पानी रुकने वाली मिट्टी से बचें

5.3 चबाने वाला तंबाकू

  1. लाल मिट्टी
  2. जल निकासी उत्तम हो

6. तंबाकू की खेती में बीज और नर्सरी प्रबंधन

6.1 बीज की विशेषताएँ

  1. बीज बहुत छोटे और अंडाकार
  2. 1 ग्राम में लगभग 11000 से 12000 बीज
  3. N. rustica के बीज अपेक्षाकृत बड़े

6.2 प्रति एकड़ बीज मात्रा

  1. लगभग 4 से 5 ग्राम बीज पर्याप्त
  2. बीज सीधे खेत में न बोएँ

6.3 नर्सरी तैयार करने की विधि

  1. रेतीली या रेतीली दोमट मिट्टी चुनें
  2. ऊँचाई वाली जगह हो
  3. जल निकासी अच्छी हो
  4. रोग और कीट नियंत्रण समय पर करें
  5. हर साल नर्सरी का स्थान बदलें

7. खेत की तैयारी

  1. खेत की 3 से 4 बार जुताई करें
  2. मिट्टी भुरभुरी बनाएं
  3. प्रति एकड़ 8 से 10 ट्रॉली गोबर की खाद मिलाएँ
  4. आखिरी जुताई में पाटा लगाएँ

8. रोपाई की विधि

  1. 40 से 45 दिन की स्वस्थ पौध लगाएँ
  2. पौध से पौध की दूरी लगभग 1 फुट
  3. कतार से कतार की दूरी 2 से 2.5 फुट
  4. शाम के समय रोपाई करें

9. तंबाकू की खेती में खाद और उर्वरक प्रबंधन (प्रति एकड़)

  1. गोबर की खाद 8 से 10 ट्रॉली
  2. नाइट्रोजन 40 से 50 किलोग्राम
  3. फास्फोरस 20 से 25 किलोग्राम
  4. पोटाश 20 से 25 किलोग्राम
  5. नाइट्रोजन दो भागों में दें

10. सिंचाई प्रबंधन

  1. रोपाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई
  2. 7 से 10 दिन के अंतराल पर पानी
  3. फसल पकने से पहले सिंचाई बंद करें
  4. अधिक पानी से पत्तियाँ खराब होती हैं

11. निराई गुड़ाई और खरपतवार नियंत्रण

  1. 2 से 3 बार निराई गुड़ाई
  2. हाथ से खरपतवार निकालें
  3. खेत को साफ रखें

12. टॉपिंग और सकरिंग

12.1 टॉपिंग

  1. फूल निकलते ही तोड़ दें
  2. इससे पत्तियाँ बड़ी और मोटी होती हैं

12.2 सकरिंग

  1. साइड से निकलने वाली टहनियाँ हटाएँ
  2. पोषक तत्व पत्तियों में जाते हैं

13. तंबाकू की कटाई

  1. 90 से 120 दिन में फसल तैयार
  2. पत्तियाँ पीली होने पर कटाई करें
  3. चरणबद्ध कटाई करें

14. सुखाने और भंडारण की प्रक्रिया

  1. पत्तियाँ तोड़कर छाया में सुखाएँ
  2. बोरों में भरकर बाजार भेजें
  3. नमी से बचाकर रखें

15. तंबाकू की खेती से प्रति एकड़ आय

  1. औसत उत्पादन 600 से 800 किलोग्राम प्रति एकड़
  2. बाजार भाव के अनुसार आय
  3. औसतन 50000 रुपये या उससे अधिक शुद्ध लाभ संभव

16. तंबाकू की खेती से जुड़े जोखिम

  1. अधिक वर्षा
  2. बाजार भाव में उतार चढ़ाव
  3. गलत समय पर कटाई

17. तंबाकू की खेती से जुड़ी सरकारी जानकारी

अधिक जानकारी के लिए किसान भारत सरकार की कृषि वेबसाइट, कृषि विज्ञान केंद्र और राज्य कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
अतिरिक्त नकदी फसलों की जानकारी के लिए यह वेबसाइट भी देखें

तंबाकू की खेती से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. तंबाकू की खेती के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा है?

तंबाकू की खेती शीतकाल में की जाती है। नर्सरी सितंबर अक्टूबर में और रोपाई अक्टूबर नवंबर में की जाती है।

2. तंबाकू की खेती प्रति एकड़ कितनी लागत आती है?

औसतन 25000 से 35000 रुपये प्रति एकड़ लागत आती है।

3. तंबाकू की खेती में सबसे ज्यादा लाभ किस राज्य में है?

गुजरात और आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक उत्पादन और लाभ देखा गया है।

4. तंबाकू की खेती में कौन सी मिट्टी सबसे अच्छी है?

हल्की से मध्यम दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है।

5. तंबाकू की नर्सरी कितने दिन में तैयार होती है?

लगभग 40 से 45 दिन में नर्सरी तैयार हो जाती है।

6. तंबाकू की फसल कितने दिनों में तैयार होती है?

90 से 120 दिनों में फसल तैयार हो जाती है।

7. तंबाकू की खेती में ज्यादा पानी देने से क्या नुकसान होता है?

अधिक पानी से पत्तियाँ पतली और गुणवत्ता खराब हो जाती है।

8. तंबाकू की खेती में टॉपिंग क्यों जरूरी है?

टॉपिंग से पौधे की ऊर्जा पत्तियों में जाती है और उपज बढ़ती है।

9. क्या तंबाकू की खेती छोटे किसान कर सकते हैं?

हाँ, छोटे किसान भी एक या दो एकड़ में तंबाकू की खेती कर सकते हैं।

10. तंबाकू की खेती में सरकारी सहायता मिलती है क्या?

कई राज्यों में प्रशिक्षण, बीज और तकनीकी सहायता उपलब्ध है।

निष्कर्ष

तंबाकू की खेती | Tobacco Ki Kheti भारतीय किसानों के लिए एक मजबूत आय का साधन है। यदि किसान सही किस्म, सही समय, वैज्ञानिक तरीके और उचित प्रबंधन अपनाएँ तो प्रति एकड़ अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। खेती में धैर्य, मेहनत और सही जानकारी ही सफलता की कुंजी है।

हम सभी किसानों से यही संदेश देना चाहते हैं कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएँ, कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़ें और आत्मनिर्भर बनें। मेहनत और सही दिशा में किया गया प्रयास कभी बेकार नहीं जाता।

अधिक जानकारी के लिए स्रोत
👉 Krishi Vigyan Kendra Portal
👉 Indian Institute of Horticultural Research