गुलाब की खेती | Gulaab Ki Kheti

गुलाब की खेती

🌱 फसल परिचय

गुलाब की खेती कैसे करें | गुलाब की खेती कैसे की जाती है

गुलाब की खेती भारत में फूलों की खेती का सबसे लोकप्रिय और लाभकारी व्यवसाय है। गुलाब को पुष्पों का राजा कहा जाता है क्योंकि यह सुंदरता, सुगंध, भावनात्मक जुड़ाव और आर्थिक लाभ सभी का प्रतीक है। आज के समय में किसान यह जानना चाहते हैं कि गुलाब की खेती कैसे करते हैं और गुलाब की खेती से कमाई कितनी होती है।

गुलाब का पौधा सामान्यतः 4 से 6 फीट ऊँचा होता है। इसका तना कांटेदार, पत्तियाँ दांतेदार और फूल रंगों की अनेक किस्मों में पाए जाते हैं जैसे लाल, गुलाबी, सफेद, पीला, नारंगी और दोरंगे। गुलाब का फल मांसल होता है जिसे रोज हिप कहा जाता है।

भारत में गुलाब की खेती
• खुले खेत में
पॉलीहाउस में गुलाब की खेती
• ग्रीनहाउस में

तीनों तरीकों से की जाती है। आधुनिक तकनीक, सही किस्म और उचित बाजार व्यवस्था के साथ गुलाब की खेती किसानों को प्रति एकड़ लाखों रुपये की आमदनी दे सकती है।

🌼 1. गुलाब की खेती के लाभ

गुलाब की खेती क्यों करें

🌹 कम समय में फसल तैयार
🌹 सालभर बाजार में मांग
🌹 कम जमीन में अधिक मुनाफा
🌹 निर्यात की अच्छी संभावना
🌹 गुलाब जल, गुलकंद, इत्र जैसे सह-उत्पाद
🌹 छोटे और बड़े किसानों दोनों के लिए उपयुक्त

👉 यही कारण है कि आज हाइब्रिड गुलाब की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

❤️ 2. गुलाब के स्वास्थ्य लाभ और उपयोग

🌿 स्वास्थ्य लाभ

✔️ पेट की गर्मी शांत करता है
✔️ पाचन तंत्र मजबूत करता है
✔️ तनाव और मानसिक थकान कम करता है
✔️ त्वचा रोगों में लाभकारी
✔️ आँखों की जलन में गुलाब जल उपयोगी

🏵️ उपयोग

🌸 पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य
🌸 शादी-विवाह व समारोह
🌸 गुलाब जल और गुलाब इत्र
🌸 गुलकंद निर्माण
🌸 कॉस्मेटिक व आयुर्वेदिक उद्योग

🧬 3. वैज्ञानिक वर्गीकरण

Scientific Classification

📌 Kingdom – Plantae
📌 Division – Angiosperms
📌 Class – Dicotyledonae
📌 Order – Rosales
📌 Family – Rosaceae
📌 Genus – Rosa
📌 Species Rosa hybrida

☀️ 4. जलवायु और तापमान

Climate & Temperature Required

🌤️ उपयुक्त जलवायु
गुलाब की खेती के लिए समशीतोष्ण जलवायु सबसे उपयुक्त मानी जाती है।

🌡️ आदर्श तापमान
✔️ दिन का तापमान – 25 से 30°C
✔️ रात का तापमान – 12 से 14°C
✔️ फूल कटाई के समय – 20 से 28°C

🌧️ वर्षा
✔️ 200 से 300 मिमी

🌍 5. मिट्टी की आवश्यकता

Soil Requirement in Details

🟤 रेतीली दोमट मिट्टी सर्वोत्तम
🟤 जैविक तत्वों से भरपूर
🟤 जल निकास उत्तम होना चाहिए

⚖️ पीएच मान
✔️ 5.3 से 6.5 आदर्श
✔️ 6 से 7.5 भी स्वीकार्य

🚫 सावधानी
❌ जल भराव न होने दें
❌ बहुत भारी या चिकनी मिट्टी से बचें

🌸 6. गुलाब की किस्में

गुलाब की खेती के लिए प्रमुख और उन्नत किस्में | Rose Varieties for Farming

गुलाब की खेती में सही किस्म का चयन सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है। किस्म का चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आप गुलाब की खेती खुले खेत में, हाइब्रिड गुलाब की खेती के रूप में या पॉलीहाउस में गुलाब की खेती करना चाहते हैं। सही किस्म चुनने से उत्पादन, गुणवत्ता और गुलाब की खेती से कमाई सीधे तौर पर बढ़ती है।

नीचे गुलाब की खेती के लिए उपयोग में आने वाली सभी प्रमुख किस्मों को सरल और किसान-हितैषी भाषा में समझाया गया है।

🌹 6.1 हाइब्रिड टी गुलाब

यह गुलाब की सबसे अधिक उगाई जाने वाली और व्यावसायिक किस्म है।

🔹 फूल बड़े, आकर्षक और लंबे डंठल वाले
🔹 एक डंठल पर एक फूल
🔹 कट फ्लावर के लिए सर्वोत्तम
🔹 खुले खेत और पॉलीहाउस दोनों के लिए उपयुक्त

प्रमुख किस्में
🌼 पुसा सोनिया
🌼 पुसा गौरव
🌼 फर्स्ट रेड
🌼 सुपर स्टार
🌼 मोंटेजुमा
🌼 क्रिमसन ग्लोरी

👉 हाइब्रिड गुलाब की खेती से बाजार में सबसे ज्यादा दाम मिलते हैं।

🌸 6.2 फ्लोरीबंडा गुलाब

यह किस्म गुच्छों में फूल देने के लिए जानी जाती है।

🔹 मध्यम आकार के फूल
🔹 एक टहनी पर कई फूल
🔹 घरेलू बगीचे और व्यवसायिक खेती दोनों के लिए उपयुक्त
🔹 कम जगह में ज्यादा फूल

प्रमुख किस्में
🌼 बंजारन
🌼 दिल्ली प्रिंसेज
🌼 चंद्रमा
🌼 करिश्मा
🌼 सदाबहार
🌼 सूर्यकिरण

🌺 6.3 ग्रैंडीफ्लोरा गुलाब

यह हाइब्रिड टी और फ्लोरीबंडा का मिश्रण है।

🔹 बड़े और आकर्षक फूल
🔹 लंबी डंठल
🔹 गुलदस्ते और सजावट के लिए पसंदीदा
🔹 व्यवसायिक खेती के लिए उपयुक्त

प्रमुख किस्में
🌼 क्वीन एलिजाबेथ
🌼 गोल्ड स्पॉट
🌼 मोंटेजुमा

🌼 6.4 पॉलिएन्था गुलाब

यह किस्म अधिक संख्या में छोटे फूल देने के लिए जानी जाती है।

🔹 छोटे लेकिन बहुत अधिक फूल
🔹 लंबे समय तक फूल
🔹 कम देखभाल में अच्छी पैदावार
🔹 घरेलू और सीमित व्यवसायिक उपयोग

प्रमुख किस्में
🌼 स्वाति
🌼 अंजनी
🌼 इको

🌱 6.5 मिनिएचर गुलाब

यह छोटे आकार के गुलाब होते हैं, जिन्हें बेबी गुलाब भी कहा जाता है।

🔹 पौधे छोटे और बौने
🔹 गमलों और बॉर्डर के लिए उपयुक्त
🔹 शहरों में ज्यादा मांग
🔹 पॉलीहाउस और नर्सरी के लिए लाभदायक

प्रमुख किस्में
🌼 बेबी डार्लिंग
🌼 बेबी गोल्ड
🌼 सिल्वर टिप्स
🌼 ड्वार्फ किंग

🌿 6.6 लता गुलाब

यह बेल वाली किस्म होती है, जो सहारे से बढ़ती है।

🔹 दीवार, मेहराब और बाड़ पर चढ़ाने योग्य
🔹 साल में एक बार अधिक फूल
🔹 सजावटी और पर्यटन स्थलों पर उपयोगी

प्रमुख किस्में
🌼 गोल्डन शावर
🌼 कॉकटेल
🌼 रॉयल गोल्ड
🌼 दिल्ली व्हाइट पर्ल

⭐ 6.7 व्यावसायिक खेती के लिए सर्वोत्तम किस्में

यदि आप गुलाब की खेती कैसे करें और अधिक मुनाफा चाहते हैं, तो नीचे दी गई किस्में सबसे बेहतर मानी जाती हैं

✅ पुसा गौरव
✅ फर्स्ट रेड
✅ सुपर स्टार
✅ मोंटेजुमा
✅ पुसा प्रिय

👉 ये किस्में पॉलीहाउस में गुलाब की खेती और निर्यात दोनों के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं।

📌 महत्वपूर्ण सलाह

✔️ किस्म का चयन बाजार की मांग देखकर करें
✔️ पॉलीहाउस के लिए हाइब्रिड टी किस्म चुनें
✔️ स्थानीय जलवायु के अनुसार किस्म तय करें
✔️ प्रमाणित नर्सरी से ही पौध खरीदें

🌱 7. बीज दर और पौध संख्या

Seed Rate & Plant Population per Acre | गुलाब की खेती कैसे करें

गुलाब की खेती में बीज की जगह तैयार पौध या कलमी पौध का उपयोग किया जाता है। सही पौध संख्या और उचित दूरी रखने से फूलों की गुणवत्ता, डंडी की लंबाई और कुल उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि गुलाब की खेती कैसे की जाती है और प्रति एकड़ कितने पौधे लगाने चाहिए।

🌹 7.1 बीज दर की वास्तविक जानकारी

👉 गुलाब की खेती बीज से नहीं बल्कि टी-बडिंग या कटिंग से तैयार पौध द्वारा की जाती है।
इसलिए यहां बीज दर की जगह पौध संख्या प्रति एकड़ को ही मानक माना जाता है।

📐 7.2 खुले खेत में पौध संख्या

✔️ पंक्ति से पंक्ति दूरी – 60 सेंटीमीटर
✔️ पौधे से पौधे की दूरी – 30 सेंटीमीटर

📊 प्रति एकड़ पौध संख्या
🌱 लगभग 5,500 से 6,000 पौधे

👉 इस दूरी पर
• फूलों की डंडी लंबी मिलती है
• कटाई करना आसान होता है
• रोग और कीट कम लगते हैं

🏠 7.3 पॉलीहाउस में गुलाब की खेती

पॉलीहाउस में गुलाब की खेती करते समय पौधों का घनत्व अधिक रखा जाता है क्योंकि
• तापमान नियंत्रित रहता है
• रोग कम लगते हैं
• फूलों की गुणवत्ता बेहतर होती है

📐 सामान्य दूरी
✔️ पंक्ति से पंक्ति – 45 सेंटीमीटर
✔️ पौधे से पौधे – 30 सेंटीमीटर

📊 प्रति एकड़ पौध संख्या
🌱 लगभग 7,000 से 9,000 पौधे

👉 पॉलीहाउस में अधिक पौधे लगाने से
• उत्पादन 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ता है
गुलाब की खेती से कमाई ज्यादा होती है

🌿 7.4 हाइब्रिड गुलाब की खेती में पौध संख्या

🌸 हाइब्रिड गुलाब की खेती में पौधे तेज बढ़ते हैं और बड़े फूल देते हैं, इसलिए
✔️ बहुत ज्यादा घनत्व न रखें
✔️ हवा और धूप का सही प्रवाह जरूरी है

📊 आदर्श पौध संख्या
🌱 5,000 से 5,500 पौधे प्रति एकड़

⚠️ 7.5 महत्वपूर्ण सावधानियां

🚫 बहुत पास-पास पौधे न लगाएं
🚫 अधिक घनत्व से रोग बढ़ते हैं
🚫 कमजोर या बीमार पौध न लगाएं

✅ हमेशा प्रमाणित नर्सरी से पौध लें
✅ रोपाई से पहले जड़ों को साफ पानी में डुबोएं
✅ रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें

🚜 8. भूमि की तैयारी

Land Preparation Method

🪓 2 से 3 बार गहरी जुताई करें
🪓 15 से 20 दिन खेत खुला छोड़ें
🪓 प्रति एकड़ 8 से 10 टन सड़ी गोबर खाद मिलाएं

📏 क्यारियों का आकार
✔️ चौड़ाई – 2 मीटर
✔️ लंबाई – 5 मीटर
✔️ क्यारियों के बीच 0.5 मीटर दूरी

🌿 9. गुलाब की खेती कैसे करें

Sowing & Planting Method

📅 रोपाई का सही समय
✔️ उत्तर भारत – सितंबर से अक्टूबर
✔️ दक्षिण भारत – जुलाई से अगस्त

📐 दूरी
✔️ पौधा से पौधा – 30 सेंटीमीटर
✔️ कतार से कतार – 60 सेंटीमीटर

💧 रोपाई के तुरंत बाद सिंचाई करें

🧪 10. खाद और उर्वरक प्रबंधन

Fertilizer & Manure Management

🌿 जैविक खाद
✔️ प्रति पौधा 8 से 10 किलो सड़ी गोबर खाद

⚗️ रासायनिक खाद प्रति पौधा
✔️ नाइट्रोजन – 8 ग्राम
✔️ फास्फोरस – 8 ग्राम
✔️ पोटाश – 16 ग्राम

📌 छंटाई के बाद खाद देना सर्वोत्तम

💧 11. सिंचाई प्रबंधन

Irrigation Schedule

🌞 गर्मी में – 5 से 7 दिन
❄️ सर्दी में – 10 से 12 दिन

🚿 सर्वोत्तम विधि
✔️ ड्रिप सिंचाई
❌ फव्वारा सिंचाई से बचें

🌾 12. खरपतवार नियंत्रण

Weed Control

खरपतवार गुलाब की फसल से पोषक तत्व, पानी और धूप छीन लेते हैं, जिससे फूलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों घट जाते हैं। इसलिए समय पर खरपतवार नियंत्रण बहुत जरूरी है।

✅ संक्षेप में प्रभावी उपाय

🌱 रोपाई के 20 से 25 दिन बाद पहली निराई करें
🌱 जरूरत अनुसार 2 से 3 बार हाथ से निराई गुड़ाई
🌱 खेत और क्यारियों को हमेशा साफ रखें
🌱 शुरुआती अवस्था में खरपतवारनाशी दवाओं का सीमित उपयोग
🌱 मल्चिंग करने से खरपतवार कम उगते हैं और नमी बनी रहती है

👉 नियमित खरपतवार नियंत्रण से गुलाब के पौधे स्वस्थ रहते हैं और प्रति एकड़ उत्पादन व मुनाफा बढ़ता है।

🐛 13. कीट और रोग प्रबंधन

गुलाब की खेती में कीट और रोग समय पर नियंत्रित न किए जाएँ तो उत्पादन और फूलों की गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती हैं। नीचे संक्षेप में मुख्य कीट, रोग और उनका प्रबंधन दिया गया है।

🐜 मुख्य कीट और नियंत्रण

✔️ माहू (एफिड)
• कोमल टहनियों और कलियों का रस चूसता है
• नियंत्रण के लिए नीम आधारित दवा या अनुशंसित कीटनाशक का छिड़काव करें

✔️ थ्रिप्स
• फूलों की पंखुड़ियों को नुकसान पहुंचाता है
• हल्का स्टिकर मिलाकर उचित कीटनाशक का प्रयोग करें

✔️ दीमक
• जड़ों को नुकसान पहुंचाती है
• खेत में जल भराव न होने दें और मिट्टी उपचार करें

🦠 मुख्य रोग और नियंत्रण

✔️ काले धब्बे रोग
• पत्तियों पर काले धब्बे बनते हैं
• फफूंदनाशक का समय पर छिड़काव करें

✔️ सफेद फफूंद रोग
• पत्तियों पर सफेद परत दिखाई देती है
• रोग दिखते ही तुरंत उपचार करें

✔️ टहनी सूखना
• टहनियाँ ऊपर से सूखने लगती हैं
• प्रभावित भाग काटकर नष्ट करें और दवा लगाएँ

सामान्य सावधानियाँ

🌱 खेत साफ रखें
🌱 संतुलित खाद का प्रयोग करें
🌱 अधिक नमी से बचें
🌱 नियमित निरीक्षण करें

👉 समय पर रोकथाम से गुलाब की फसल स्वस्थ रहती है और गुलाब की खेती से कमाई में वृद्धि होती है।

⏳ 14. फसल अवधि

Crop Duration of Rose Farming

गुलाब की खेती एक दीर्घकालीन लेकिन नियमित आय देने वाली फसल है।

⏱️ फसल की समयावधि
✔️ रोपाई के 90 से 120 दिन बाद फूल आना शुरू
✔️ दूसरे वर्ष से व्यावसायिक और अधिक उत्पादन
✔️ एक बार लगाए गए पौधे 5 से 6 वर्ष तक फूल देते हैं

👉 इसलिए गुलाब की खेती को लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट फसल भी कहा जाता है।

✂️ 15. गुलाब की कटाई विधि

Harvesting Method in Rose Cultivation

गुलाब की खेती कैसे की जाती है, इसमें सही समय पर कटाई सबसे महत्वपूर्ण होती है।

✂️ कटाई का सही समय
✔️ जब फूल आधा खुला हो
✔️ ऊपर की पंखुड़ियाँ हल्की मुड़ने लगें

🌅 कटाई का समय
✔️ सुबह जल्दी
✔️ या शाम के समय

🔪 कटाई विधि
✔️ तेज और साफ चाकू या कैंची का प्रयोग
✔️ डंडी के नीचे 1–2 पत्तियाँ छोड़ें

👉 इससे अगली शाखा तेजी से निकलती है और उत्पादन बढ़ता है।

📦 16. प्रति एकड़ उत्पादन

Yield per Acre in Rose Farming

🌹 खुले खेत में गुलाब की खेती
✔️ 1.5 लाख से 2.5 लाख फूल प्रति एकड़ प्रति वर्ष

🌹 पॉलीहाउस में गुलाब की खेती
✔️ 3 लाख से 4 लाख फूल प्रति एकड़ प्रति वर्ष

👉 हाइब्रिड गुलाब की खेती में उत्पादन सबसे अधिक मिलता है।

💰 17. गुलाब की खेती से कमाई

Market Price & Profit per Acre

💸 बाजार भाव

✔️ सामान्य समय में – 1 से 3 रुपये प्रति फूल
✔️ त्योहार, शादी, वैलेंटाइन डे – 4 से 8 रुपये प्रति फूल

📊 प्रति एकड़ लागत

✔️ खुले खेत में – 2 से 2.5 लाख रुपये
✔️ पॉलीहाउस में – 4 से 6 लाख रुपये

📈 शुद्ध मुनाफा

✔️ खुले खेत में – 3 से 5 लाख रुपये प्रति एकड़
✔️ पॉलीहाउस में गुलाब की खेती – 6 से 10 लाख रुपये प्रति एकड़

👉 यही कारण है कि गुलाब की खेती से कमाई किसानों को आकर्षित कर रही है।

❄️ 18. भंडारण और ग्रेडिंग

Storage & Post Harvest Management

🧊 भंडारण तापमान
✔️ 1 से 3 डिग्री सेल्सियस

📦 भंडारण अवधि
✔️ 7 से 10 दिन तक सुरक्षित

💧 महत्वपूर्ण बातें
✔️ फूलों की डंडी हमेशा पानी में रखें
✔️ ग्रेडिंग फूल की लंबाई और गुणवत्ता के अनुसार करें

👉 सही भंडारण से बाजार में बेहतर कीमत मिलती है।

🏛️ 19. गुलाब की खेती के लिए सरकारी योजनाएं

Government Schemes for Rose Farming

🌱 राष्ट्रीय बागवानी मिशन
✔️ पौध, पॉलीहाउस और प्रशिक्षण पर अनुदान

💧 ड्रिप सिंचाई योजना
✔️ 50–70 प्रतिशत तक सब्सिडी

🏠 पॉलीहाउस योजना
✔️ पॉलीहाउस में गुलाब की खेती हेतु विशेष सहायता

👉 अपने जिले के बागवानी विभाग से जानकारी अवश्य लें।

📍 20. गुलाब की खेती कहां होती है

Where Rose Farming is Done in India

🌍 भारत में गुलाब की खेती कहां होती है

✔️ कर्नाटक
✔️ तमिलनाडु
✔️ महाराष्ट्र
✔️ उत्तर प्रदेश
✔️ बिहार
✔️ पश्चिम बंगाल
✔️ गुजरात
✔️ हरियाणा

🏜️ राजस्थान में गुलाब की खेती

राजस्थान में गुलाब की खेती कहां होती है

✔️ जयपुर
✔️ अजमेर
✔️ उदयपुर
✔️ अलवर
✔️ कोटा

👉 इसलिए किसान पूछते हैं
राजस्थान में गुलाब की खेती कहां-कहां होती है, और इसका उत्तर है – सिंचाई सुविधा वाले लगभग सभी जिले।

❓ 21. गुलाब की खेती से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न

1. गुलाब की खेती कैसे करें | गुलाब की खेती कैसे करते हैं | गुलाब की खेती कैसे की जाती है

उत्तर: गुलाब की खेती करने के लिए सबसे पहले उपजाऊ दोमट मिट्टी चुनें। फिर उन्नत या हाइब्रिड किस्म की पौध लगाएं। नियमित सिंचाई, समय पर खाद, कीट-रोग नियंत्रण और सही समय पर कटाई करने से गुलाब की खेती सफल होती है।

• पहले खेत की तैयारी
• फिर पौध रोपाई
• खाद और उर्वरक प्रबंधन
• सिंचाई और निराई
• समय पर फूलों की कटाई
इन सभी चरणों से की जाती है।

2. गुलाब की खेती से कमाई कितनी होती है

उत्तर: गुलाब की खेती से कमाई काफी अच्छी होती है।
• खुले खेत में 3 से 5 लाख रुपये प्रति एकड़
• पॉलीहाउस में गुलाब की खेती से 6 से 10 लाख रुपये प्रति एकड़ तक शुद्ध लाभ संभव है।

3. हाइब्रिड गुलाब की खेती क्यों लाभदायक है

उत्तर: हाइब्रिड गुलाब की खेती में
• फूल बड़े और आकर्षक होते हैं
• उत्पादन अधिक मिलता है
• बाजार में कीमत ज्यादा मिलती है
इसीलिए व्यावसायिक किसान हाइब्रिड गुलाब की खेती को प्राथमिकता देते हैं।

4. गुलाब की खेती कहां होती है

उत्तर: गुलाब की खेती भारत के लगभग सभी राज्यों में होती है। मुख्य राज्य हैं
कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, हरियाणा और पश्चिम बंगाल।

5. राजस्थान में गुलाब की खेती कहां होती है

उत्तर: राजस्थान में गुलाब की खेती सिंचाई सुविधा वाले जिलों में की जाती है।
मुख्य क्षेत्र हैं
जयपुर, अजमेर, उदयपुर, अलवर और कोटा।
इसीलिए लोग पूछते हैं कि राजस्थान में गुलाब की खेती कहां-कहां होती है

6. पॉलीहाउस में गुलाब की खेती क्यों करें

उत्तर: पॉलीहाउस में गुलाब की खेती करने से
• फूलों की गुणवत्ता बेहतर होती है
• पूरे साल उत्पादन मिलता है
• रोग कम लगते हैं
• बाजार में अधिक दाम मिलता है

7. गुलाब की खेती में सबसे बड़ा रोग कौन सा है

उत्तर: गुलाब की खेती में सबसे बड़ा रोग
• पत्तों पर काले धब्बे रोग
• सफेद फफूंद रोग
हैं। समय पर दवा का छिड़काव करने से नुकसान से बचा जा सकता है।

8. क्या छोटे किसान भी गुलाब की खेती कर सकते हैं

उत्तर: हाँ, बिल्कुल। गुलाब की खेती छोटे किसान भी कर सकते हैं। कम जमीन, सही तकनीक और स्थानीय बाजार को ध्यान में रखकर किसान अच्छी आमदनी कमा सकते हैं।

🌺 निष्कर्ष

गुलाब की खेती आज के समय में केवल एक फूल उगाने की प्रक्रिया नहीं बल्कि उच्च मुनाफा देने वाला कृषि व्यवसाय बन चुकी है। यदि किसान यह समझ लें कि गुलाब की खेती कैसे की जाती है, सही किस्म चुनें और आधुनिक तकनीक अपनाएं, तो कम जमीन में भी बड़ी आमदनी संभव है।

चाहे राजस्थान में गुलाब की खेती हो या पॉलीहाउस में गुलाब की खेती, यह फसल किसानों के जीवन में खुशहाली ला सकती है। 🌹

👉 सही योजना बनाइए, गुलाब की खेती अपनाइए और अपनी आय को नई ऊँचाई पर ले जाइए।

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संदर्भ स्रोत

  • Indian Institute of Horticultural Research
  • Krishi Vigyan Kendra Portal