किसानों के लिए आज की बड़ी खबरें | 18 अगस्त 2026

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🏛️ कृषि नीति, सरकार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

1. 🥛 राजस्थान में नए डेयरी प्लांट से किसानों और पशुपालकों को बढ़ावा

राजस्थान के अलवर में डेयरी और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अलवर सरस डेयरी परिसर में नए डेयरी प्लांट की आधारशिला रखी गई। इसके साथ विभिन्न दुग्ध सहकारी समितियों के डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट और कैटल फीड प्लांट का ई-उद्घाटन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को किसान सम्मान निधि और फसल बीमा योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरित की गई। वहीं 10,580 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। राजस्थान सरकार के 6,262 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास भी हुआ। कार्यक्रम में सहकारिता और डेयरी क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। डेयरी क्षेत्र के विस्तार से पशुपालकों के लिए दूध उत्पादन, प्रसंस्करण और बाजार से जुड़ने के अवसर बढ़ सकते हैं। सरकार की ओर से ग्रामीण परिवारों, पशुपालकों और युवाओं के लिए रोजगार तथा आय के अवसर मजबूत करने पर जोर दिया गया।

2. 💧 राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत 5,755 करोड़ रुपये के काम

राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने से जुड़े कई विकास कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। चित्तौड़गढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों और राज्य के बुनियादी विकास पर चर्चा हुई। जानकारी के अनुसार 15 जिलों में 5,755 करोड़ रुपये की लागत वाले 944 कार्यों का उद्घाटन और भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में सरकार की ओर से दावा किया गया कि पहले 70 वर्षों में 11 लाख घरों तक पानी पहुंचाया गया था, जबकि वर्तमान सरकार के अनुसार पिछले आठ वर्षों में लगभग 64 लाख घरों तक पानी पहुंचाने का काम हुआ है। घरों तक नल से पानी पहुंचने से ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को पानी लाने में लगने वाली मेहनत कम होने की उम्मीद जताई गई। जल सुविधा के साथ राजस्थान में निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सुरक्षित और नियमित पेयजल व्यवस्था खेती, पशुपालन और घरेलू जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है।

3. 🍛 दिल्ली में 100 अटल कैंटीन शुरू, 5 रुपये में भोजन

दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर 25 नई अटल कैंटीन शुरू की गईं। इन नई कैंटीन के उद्घाटन के बाद राजधानी में अटल कैंटीन की कुल संख्या 100 हो गई है। दिल्ली सरकार के अनुसार इन कैंटीन का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराना है। यहां सामान्य भोजन की कीमत 5 रुपये रखी गई है। सरकार ने बताया कि 100 कैंटीन के माध्यम से प्रतिदिन करीब एक लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। अलग-अलग स्थानों पर कैंटीन का उद्घाटन किया गया, जिनमें विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन और एम्स के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। दिल्ली सरकार ने इस पहल को अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राजधानी में कोई व्यक्ति भूखा न सोए। कम कीमत पर भोजन की यह व्यवस्था मजदूरों, जरूरतमंद परिवारों और कम आय वाले लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है।

🌱 प्राकृतिक खेती और कृषि व्यवसाय

4. 🟢 14 हजार फीट की ऊंचाई पर मटर बनी किसानों की कमाई का सहारा

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र में करीब 4,200 मीटर यानी लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर मटर की खेती किसानों की आय का महत्वपूर्ण साधन बन रही है। लांगजा गांव की भौगोलिक परिस्थितियां खेती के लिए काफी कठिन हैं, फिर भी स्थानीय किसान मौसम की चुनौतियों के बीच मटर का उत्पादन कर रहे हैं। पहले यहां पारंपरिक रूप से जौ की खेती अधिक की जाती थी, लेकिन अब मटर प्रमुख फसल के रूप में उभर रही है। रिपोर्ट में किसानों ने बताया कि यहां मटर की खेती में रासायनिक कीटनाशक और खरपतवारनाशक का इस्तेमाल नहीं किया जाता। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में लाहौल-स्पीति में करीब 2,560 हेक्टेयर क्षेत्र में 43,641 मीट्रिक टन सब्जियों का उत्पादन हुआ था। इसमें मटर सहित अन्य सब्जियां शामिल हैं। स्पीति की मटर की आपूर्ति देश के विभिन्न हिस्सों में होती है। कठिन मौसम और ऊंचाई के बावजूद इस फसल ने क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अपनी अलग पहचान बनाई है।

5. 🌍 कृषि निर्यात से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

गुजरात के वडोदरा में कृषि उत्पादों के निर्यात को किसानों की आय बढ़ाने के संभावित माध्यम के रूप में सामने रखा गया। किसानों की ओर से कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों के लिए अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं। इसके लिए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के साथ बेहतर पैकेजिंग और जरूरी प्रमाणपत्रों पर ध्यान देना होगा। यदि किसान सीधे निर्यात बाजार से जुड़ते हैं तो बिचौलियों पर निर्भरता कम हो सकती है और उन्हें अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलने का अवसर मिल सकता है। खाद्य उत्पादों, फलों और फूलों की मांग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग का उल्लेख किया गया और महिला ड्रोन ऑपरेटरों के माध्यम से आय के अवसरों की बात सामने आई। कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए उत्पादन की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रमाणन और बाजार की आवश्यकताओं को समझना जरूरी बताया गया। किसानों को घरेलू मंडियों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार की संभावनाओं से जोड़ने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण अवसर के रूप में प्रस्तुत किया गया।

6. 🍎 जम्मू-कश्मीर के बनी में बढ़ रहा सेब उत्पादन

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले का बनी तहसील क्षेत्र सेब उत्पादन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां युवा किसान संजीत कुमार ने सेब का बाग तैयार किया है और बाग में अच्छी मात्रा में उत्पादन हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार तैयार सेब को उत्तर भारत के अलग-अलग राज्यों में भेजा जा रहा है। खास बात यह है कि फल खरीदने वाले व्यापारी सीधे बाग तक पहुंच रहे हैं। इससे किसान को अपने उत्पादन के लिए बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिल रहा है। सेब की खेती स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आय का एक नया माध्यम भी बन रही है। कठुआ जैसे क्षेत्रों में बागवानी का विस्तार किसानों को पारंपरिक फसलों के अलावा फल उत्पादन की ओर आकर्षित कर सकता है। संजीत कुमार का उदाहरण क्षेत्र में बागवानी की संभावनाओं को सामने रखता है। रिपोर्ट में बताया गया कि बाग से निकलने वाले सेब की आपूर्ति उत्तर भारत के कई राज्यों में की जा रही है। व्यापारियों का सीधे बाग तक पहुंचना उत्पाद की बाजार मांग को भी दर्शाता है।

💳 सरकारी योजनाएं और स्वास्थ्य सेवाएं

7. 🏥 पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू

पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की गई है। राज्य सरकार के अनुसार करीब 3 करोड़ 39 लाख लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा। पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। योजना के अंतर्गत 10,930 अस्पतालों को शामिल किया गया है। इनमें 10,303 निजी और 627 सरकारी अस्पताल बताए गए हैं। लाभार्थी आधार कार्ड के माध्यम से अस्पताल में उपचार करा सकेंगे। जिन पात्र लोगों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, वे अस्पताल में अपनी पात्रता की जांच कराकर पंजीकरण करा सकते हैं। शुरुआत में यह योजना स्वास्थ्य साथी और प्रस्तावित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के साथ चलेगी। रिपोर्ट के अनुसार तीन महीने की समीक्षा के बाद स्वास्थ्य साथी योजना को धीरे-धीरे बंद किया जाएगा। इस योजना के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है, जिसमें 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की जानकारी दी गई।

8. 💊 पश्चिम बंगाल में 1,950 बीमारियों के इलाज की सुविधा

पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना के तहत 1,950 प्रकार की बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। इसमें घुटना प्रत्यारोपण जैसी उपचार सुविधाएं भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस योजना से करीब 1 करोड़ 43 लाख परिवार और राज्य के लगभग 6 करोड़ लोग लाभान्वित हो सकते हैं। इसके अलावा राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की है, जिससे करीब 80 लाख लोगों को लाभ मिलने की बात कही गई है। दोनों योजनाओं के तहत देशभर में 38,604 अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। राज्य सरकार 10 सरकारी अस्पतालों में अमृत फार्मेसी शुरू करने की योजना बना रही है। इन फार्मेसी में दवाएं 50 से 80 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। ग्रामीण और किसान परिवारों के लिए स्वास्थ्य खर्च कम करने की दिशा में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण हो सकती है।

🌧️ मौसम, बारिश और बाढ़

9. 🚨 ओडिशा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, बाढ़ का खतरा

उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने बालेश्वर, भद्रक, मयूरभंज और केंदुझर जिलों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। कई अन्य जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट भी जारी किए गए हैं। अगले तीन दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना बताई गई है। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण राज्य में अब तक 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 947 गांवों के जलमग्न होने की जानकारी दी गई है। राज्य सरकार ने अधिकारियों को अलर्ट किया है और आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां बढ़ाई गई हैं। ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स की टीमें प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने में लगी हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बाढ़ की स्थिति पर सरकार की लगातार निगरानी की जानकारी दी। किसानों के लिए लगातार बारिश के दौरान खेतों में जलभराव रोकना और स्थानीय प्रशासन की मौसम चेतावनियों का पालन करना महत्वपूर्ण है।

10. 🛣️ ओडिशा में बारिश से निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा धंसा

ओडिशा में लगातार हो रही बारिश के बीच केंद्रपाड़ा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के निर्माणाधीन हिस्से का करीब 100 मीटर भाग धंस गया। सड़क का हिस्सा धंसने के बाद वहां खड़े तीन ट्रक गड्ढे में गिर गए। रिपोर्ट के अनुसार घटना के समय ट्रकों के चालक और सहायक वहां मौजूद नहीं थे, इसलिए किसी के घायल होने या मौत की सूचना नहीं मिली। यह घटना उस समय हुई है जब राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने ओडिशा के कई जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश से सड़क, खेत और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। किसानों और ग्रामीणों के लिए इस मौसम में खेतों से पानी की निकासी बनाए रखना जरूरी है। वहीं सड़क या पुल से जुड़े जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतना भी आवश्यक है।

11. 🌧️ कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अलावा अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अगले दो दिनों तक बारिश की स्थिति रहने की संभावना है। असम, मेघालय, बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी भारी बारिश की संभावना बताई गई है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और विदर्भ में भी बारिश का पूर्वानुमान दिया गया है। किसानों को स्थानीय मौसम की चेतावनियों के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश की स्थिति में खेतों में जलभराव फसल के लिए नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए जल निकासी व्यवस्था की जांच करना जरूरी है।

12. 🌊 असम में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार

असम में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन कई इलाकों में जनजीवन अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के पांच जिलों के 235 गांव अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं और 62,000 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। गोलाघाट, होजाई, नगांव, शिवसागर और जोरहाट के कई इलाकों में पानी भरा हुआ है। बाढ़ के कारण करीब 4,954 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित होने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में राज्य में बाढ़ से अब तक 104 लोगों की मौत का भी उल्लेख किया गया है। प्रभावित लोगों के लिए 37 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में करीब 4,877 लोगों के रहने की जानकारी है। राहत शिविरों में भोजन, सुरक्षित पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास का काम लगातार जारी है।

🥦 फसल, बुवाई और कीट प्रबंधन

13. 🌽 हिमाचल और उत्तराखंड के किसानों के लिए खेती की सलाह

हिमाचल प्रदेश के किसानों को मक्का, रागी, राजमा और सब्जियों की फसलों में उचित जल निकासी व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है। ऊंचे और ठंडे क्षेत्रों में खीरा और टमाटर के पौधों को सहारा देने का काम करने को कहा गया है। उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में गन्ना, मक्का, मूंग, मूंगफली और तिल के खेतों में पानी जमा न होने देने पर जोर दिया गया है। तिल, उड़द और मूंग की बुवाई कुछ समय के लिए टालने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए मटर की बुवाई फिलहाल स्थगित रखने को कहा गया है। साफ मौसम के दौरान पत्तागोभी की तैयार पौध की रोपाई करने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था किसानों की प्राथमिकता होनी चाहिए। जलभराव से फसल की जड़ों पर असर पड़ सकता है। इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखते हुए बुवाई, रोपाई और अन्य कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।

14. 🌾 पंजाब और हरियाणा के किसानों के लिए जरूरी कृषि सलाह

पंजाब के पश्चिमी क्षेत्रों में किसानों को बासमती धान, फूलगोभी, बैंगन और मूली की बुवाई पूरी करने की सलाह दी गई है। धान की फसल में पानी का उचित स्तर बनाए रखने पर जोर दिया गया है। पंजाब के पहाड़ी और असमतल क्षेत्रों में तिल की बुवाई करने की सलाह दी गई है। वहीं हरियाणा के पश्चिमी क्षेत्रों में सभी फसलों और सब्जियों के खेतों में पानी जमा नहीं होने देने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। लगातार बारिश की स्थिति में खेतों में जलभराव फसलों के लिए समस्या पैदा कर सकता है, इसलिए जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। किसानों को मौसम के अनुसार खेतों की नियमित निगरानी करनी चाहिए। धान वाले खेतों में पानी का स्तर जरूरत के अनुसार बनाए रखना और अन्य फसलों में अतिरिक्त पानी को निकालना जरूरी बताया गया है। वर्तमान मौसम को देखते हुए किसानों को बुवाई और खेत प्रबंधन के काम स्थानीय बारिश तथा मिट्टी की स्थिति देखकर करने की सलाह दी गई है।

15. 🌱 दिल्ली के किसानों के लिए बारिश में खेती की खास सलाह

दिल्ली के किसानों को मौजूदा मौसम में फसलों पर कीटनाशक का छिड़काव फिलहाल स्थगित रखने की सलाह दी गई है। साथ ही दलहन और सब्जियों के खेतों में उचित जल निकासी व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया है। किसानों के लिए मेड़ या खेत की पट्टियों पर बैंगन, टमाटर, मिर्च और फूलगोभी की बुवाई का सुझाव दिया गया है। इस मौसम में गोवार, मूली, बीन्स, पालक, लाल साग और भिंडी की बुवाई भी की जा सकती है। बारिश के कारण खेतों में पानी जमा होने पर फसल की स्थिति प्रभावित हो सकती है, इसलिए किसानों को निचले हिस्सों और सब्जियों के खेतों में पानी की निकासी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कीटनाशक छिड़काव से पहले मौसम की स्थिति देखना जरूरी है, क्योंकि बारिश होने पर छिड़काव का प्रभाव प्रभावित हो सकता है। कृषि कार्य मौसम के अनुसार करने और खेतों की नियमित निगरानी रखने की सलाह दी गई है।

16. 🌽 बेबी कॉर्न की खेती से कम समय में अतिरिक्त आय का अवसर

बेबी कॉर्न मक्का की कोई अलग किस्म नहीं है। यह मक्के की ऐसी अवस्था है जब भुट्टे में दाने बनने की प्रक्रिया शुरू होती है या दाने पूरी तरह विकसित नहीं हुए होते। इसका उपयोग सलाद, सब्जी, पायसम और हलवा जैसे खाद्य पदार्थों में किया जाता है। शहरों में इसकी मांग बढ़ने के कारण इसकी खेती मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों के आसपास की जाती है। एक हेक्टेयर के लिए करीब 20 से 25 किलो बीज की जरूरत बताई गई है। फसल सामान्यतः 50 से 60 दिनों में तैयार हो सकती है। एक हेक्टेयर से 15 से 19 क्विंटल तक बेबी कॉर्न मिलने की जानकारी दी गई है। भुट्टे की तुड़ाई सुबह करने की सलाह दी गई है। पौधे में रेशम या झंडा निकलने के बाद भुट्टे की तुड़ाई की जाती है और करीब तीन दिन के अंतर पर तुड़ाई की जा सकती है। एक फसल में औसतन सात से आठ बार तुड़ाई पर्याप्त बताई गई है। फसल के बाद पौधों से हरा पशु चारा भी प्राप्त किया जा सकता है।

🍎 बागवानी और किसान आय

17. 🧑‍🌾 बागवानी से स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ रहे रोजगार के अवसर

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले की बनी तहसील में सेब की खेती स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रही है। युवा किसान संजीत कुमार ने यहां सेब का बाग तैयार किया है, जिसमें अच्छी मात्रा में उत्पादन हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार बाग में तैयार सेब को उत्तर भारत के अलग-अलग राज्यों में भेजा जा रहा है। ताजा सेब खरीदने के लिए व्यापारी सीधे बाग तक पहुंच रहे हैं, जिससे किसान को बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिल रहा है। क्षेत्र में सेब की खेती स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आय का माध्यम बन रही है। यह उदाहरण दिखाता है कि उपयुक्त क्षेत्रों में बागवानी को अपनाकर किसान पारंपरिक खेती के साथ फल उत्पादन को भी आय का हिस्सा बना सकते हैं। सेब की बिक्री के लिए व्यापारियों का सीधे बाग तक पहुंचना स्थानीय बाजार संपर्क की बढ़ती संभावना को दर्शाता है। रिपोर्ट में बनी क्षेत्र को सेब उत्पादन के नए केंद्र के रूप में उभरता हुआ बताया गया है। इससे क्षेत्र में बागवानी आधारित आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना सामने आती है।

🥗 किसान और स्वास्थ्य

18. 🌧️ बारिश में भोजन और पानी की स्वच्छता पर विशेष ध्यान

बरसात के मौसम में खान-पान और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट में ताजा और संतुलित भोजन लेने तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां रखने पर जोर दिया गया। आयुर्वेद आधारित सलाह के अनुसार बारिश के मौसम में वात, पित्त और कफ से जुड़े असंतुलन की स्थिति का उल्लेख किया गया। इस दौरान हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लेने की सलाह दी गई। पुराने चावल, गेहूं और जौ जैसे अनाज के उपयोग का उल्लेख किया गया है। सब्जियों के सूप और गर्म पेय लेने की सलाह दी गई। पानी को उबालकर ठंडा करने और 24 घंटे के भीतर उसका सेवन करने की बात कही गई। अत्यधिक तरल भोजन लगातार लेने से बचने की सलाह दी गई है। मौसमी फल और सब्जियां खाने पर भी जोर दिया गया। बारिश में भोजन और पानी की स्वच्छता बनाए रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है। किसानों और ग्रामीण परिवारों को घर में आने वाले पानी की स्वच्छता तथा भोजन को साफ तरीके से तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए।

🚆 ग्रामीण और राष्ट्रीय खबरें

19. 🚰 रेलवे के 20 हजार स्थानों पर सुरक्षित पेयजल व्यवस्था

रेल यात्रियों के लिए सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में रेलवे ने एक बड़ा सुधार अभियान शुरू किया है। रिपोर्ट के अनुसार देशभर में करीब 20,000 स्थानों पर टैंक-टू-टैप फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। रेलवे स्टेशनों और संबंधित स्थानों पर पानी को फिल्टर करने की व्यवस्था स्थापित की जाएगी। देशभर में बड़े स्तर पर लागू होने वाली इस पहल से यात्रियों को पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षित पानी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। रेलवे परिसरों में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री आते हैं, इसलिए पानी की गुणवत्ता और उपलब्धता महत्वपूर्ण विषय है। रिपोर्ट में लगभग 20,000 स्थानों पर नई फिल्ट्रेशन व्यवस्था लगाए जाने की जानकारी दी गई है। यह पहल रेलवे के पेयजल ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी इस व्यवस्था का लाभ मिल सकता है।

20. 👩 पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना के तहत महिलाओं को 3,000 रुपये मासिक सहायता

पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार इस योजना के तहत 25 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। योजना का उद्देश्य निर्धारित पात्रता वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना बताया गया है। यह पहल महिलाओं के लिए मासिक वित्तीय सहायता से जुड़ी योजना के रूप में सामने आई है। रिपोर्ट में योजना की पात्र आयु सीमा और सहायता राशि की जानकारी दी गई है। हालांकि आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और लाभार्थियों की अंतिम संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। पात्र परिवारों के लिए ऐसी योजनाओं की जानकारी घरेलू आर्थिक योजना बनाने में उपयोगी हो सकती है। योजना के लाभ के लिए पात्रता संबंधी आधिकारिक जानकारी की जांच करना आवश्यक होगा। उपलब्ध समाचार के अनुसार राज्य में इसे शुरू करने की तैयारी की गई है और पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये सहायता देने की घोषणा की गई है।

21. 🗳️ दिल्ली में SIR के तहत 67% गणना पत्र डिजिटलाइज

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत गणना पत्रों को डिजिटलाइज करने का काम जारी है। रिपोर्ट के अनुसार रविवार शाम तक करीब 67 प्रतिशत गणना पत्र डिजिटलाइज किए जा चुके थे। कुल करीब 1.45 करोड़ मतदाता गणना पत्रों में से 67 प्रतिशत के डिजिटलाइजेशन की जानकारी दी गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इस प्रक्रिया के आधार पर 45 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं होने की संभावना है। SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना और उनका पुनरीक्षण करना है। डिजिटलाइजेशन के बाद मतदाता रिकॉर्ड की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मतदाताओं के लिए अपने नाम और विवरण की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। रिपोर्ट में अंतिम मतदाता सूची और आगे की पूरी प्रक्रिया का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर फिलहाल मुख्य तथ्य यही है कि दिल्ली में SIR के तहत लगभग 67 प्रतिशत गणना पत्रों को डिजिटलाइज किया जा चुका था।

22. 🏔️ मणिमहेश यात्रा 4 सितंबर से शुरू होगी

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा 4 सितंबर से शुरू होने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार यह यात्रा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से राधाष्टमी तक चलेगी और 19 सितंबर को समाप्त होगी। मणिमहेश यात्रा क्षेत्र की महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में शामिल है और इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। यात्रा के दौरान चंबा क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बढ़ती है, जिससे स्थानीय स्तर पर परिवहन, भोजन, ठहरने और अन्य सेवाओं से जुड़ी गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान स्थानीय व्यापार और सेवाओं के अवसर बनते हैं। रिपोर्ट में यात्रा की शुरुआत और समाप्ति की तारीख स्पष्ट रूप से बताई गई है। यात्रा से जुड़े प्रशासनिक और स्थानीय इंतजामों की जानकारी इस समाचार में विस्तार से नहीं दी गई है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए यात्रा अवधि की जानकारी पहले से रखना महत्वपूर्ण है।

23. 🔥 तारापीठ के होटल में आग, सात लोगों की मौत

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तारापीठ में एक होटल में आग लगने से बड़ा हादसा हुआ। रिपोर्ट के अनुसार इस दुर्घटना में अब तक सात श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। आग लगने की घटना होटल में हुई, जहां श्रद्धालु ठहरे हुए थे। हादसे के बाद जानमाल का नुकसान हुआ और घटना गंभीर रूप ले गई। तारापीठ एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे स्थानों पर होटल और अन्य ठहरने की जगहों में सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है। उपलब्ध समाचार में सात लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। आग लगने के कारण, बचाव अभियान की विस्तृत जानकारी और संपत्ति के नुकसान का पूरा विवरण इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस घटना से संबंधित वही तथ्य सामने रखे गए हैं जो समाचार में दिए गए हैं। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और होटल व्यवस्था से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण हो जाते हैं, लेकिन उपलब्ध सामग्री में इनके बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।

24. ✈️ विशाखापत्तनम से एयर इंडिया की उड़ानें अब भोगापुरम से

एयर इंडिया ने विशाखापत्तनम क्षेत्र से संचालित होने वाली अपनी उड़ानों के लिए एयरपोर्ट में बदलाव किया है। रिपोर्ट के अनुसार 18 अगस्त से एयर इंडिया की सभी उड़ानें विशाखापत्तनम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बजाय भोगापुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संचालित होंगी। विशाखापत्तनम से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है। यात्रियों को अपनी उड़ान की जानकारी और नए एयरपोर्ट का स्थान पहले से जांचना होगा, ताकि यात्रा के समय किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। एयर इंडिया की सभी उड़ानों को नए हवाई अड्डे से संचालित करने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में यह बदलाव 18 अगस्त से प्रभावी बताया गया है। इसलिए इस क्षेत्र से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट की जानकारी पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। एयरलाइन संचालन में यह बदलाव विशाखापत्तनम और आसपास के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन संबंधी खबर है।

🇮🇳 आज की अन्य महत्वपूर्ण खबरें

25. 🏛️ अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत को याद किया गया

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजस्थान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। चित्तौड़गढ़ में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया और उनके राजनीतिक तथा राष्ट्रीय योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व और देश के लिए उनके योगदान का उल्लेख किया। उनके कार्यकाल के दौरान भारत की परमाणु क्षमता के प्रदर्शन और आदिवासी समुदाय के विकास के लिए अलग मंत्रालय बनाए जाने जैसे विषयों को उनकी दूरदर्शिता से जोड़ा गया। इस अवसर पर कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। रिपोर्ट के अनुसार अटल जी की 21 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है और स्मारक निर्माण पर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में राजस्थान के जल, आदिवासी विकास, निवेश और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विषय भी सामने आए। अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रमों में उनके राजनीतिक जीवन और राष्ट्रीय योगदान को श्रद्धांजलि दी गई।

26. 🎓 उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु के दौरे पर

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु के दौरे पर हैं। उन्होंने तिरुवरूर में तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह उच्च शिक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम था, जिसमें विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों और उनके भविष्य की दिशा पर ध्यान दिया गया। उपराष्ट्रपति की यात्रा के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों के साथ संवाद और मार्गदर्शन मुख्य गतिविधियों में शामिल रहे। रिपोर्ट में उनके संबोधन के सभी विस्तृत बिंदुओं का उल्लेख नहीं किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनका मुख्य कार्यक्रम तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में भाग लेना था। तिरुवरूर में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को आगे की शिक्षा और करियर के लिए दिशा देने की बात सामने आई। उच्च शिक्षा संस्थानों के ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के बाद आगे के अवसरों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करने का मंच प्रदान करते हैं।

27. 🗣️ मानसिक नक्सलवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज

मानसिक नक्सलवाद को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। प्रधानमंत्री की मानसिक नक्सलवाद संबंधी टिप्पणी के बाद कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम की प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने मानसिक नक्सली कहे जाने के संदर्भ में कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया और नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस की विचारधारा पर सवाल उठाए। इस मुद्दे पर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी जारी है। विवाद का केंद्र प्रधानमंत्री की टिप्पणी और उसके जवाब में पी. चिदंबरम का बयान रहा। भाजपा ने उनके बयान को आधार बनाकर कांग्रेस की सोच पर सवाल उठाया। वहीं यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। रिपोर्ट में अलग-अलग राजनीतिक पक्षों की प्रतिक्रियाओं का उल्लेख किया गया है। इस खबर का मुख्य विषय राजनीतिक बयानबाजी है और इसमें नक्सलवाद को लेकर राजनीतिक दलों के बीच विचारों का टकराव सामने आया है। उपलब्ध सामग्री में इस विवाद से जुड़े आगे के राजनीतिक निर्णय या किसी प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है।

28. 🥛 सहकारिता और डेयरी को ग्रामीण आय बढ़ाने का माध्यम बताया गया

राजस्थान के अलवर में आयोजित डेयरी कार्यक्रम में सहकारिता और डेयरी क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया। अलवर सरस डेयरी परिसर में नए डेयरी प्लांट की आधारशिला रखी गई। इसके साथ अलग-अलग दुग्ध सहकारी समितियों के डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट और कैटल फीड प्लांट का ई-उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को किसान सम्मान निधि और फसल बीमा योजना के तहत डीबीटी राशि हस्तांतरित की गई। 10,580 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र भी दिए गए और राजस्थान सरकार के 6,262 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन तथा शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में कहा गया कि सहकारी संस्थाएं और डेयरी क्षेत्र पशुपालकों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भूमिका निभा सकते हैं। दूध उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और पशु आहार तक पूरी डेयरी श्रृंखला को मजबूत करने पर जोर दिया गया। ग्रामीण पशुपालकों के लिए डेयरी क्षेत्र रोजगार और आय का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।

🌾 किसानों के लिए आज की मुख्य बातें

🌧️ बारिश और बाढ़: ओडिशा, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
🌱 जल निकासी: हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के किसानों को खेतों में पानी जमा न होने देने की सलाह।
🌽 बेबी कॉर्न: 50–60 दिनों में तैयार होने वाली फसल के रूप में जानकारी सामने आई।
🟢 मटर: लाहौल-स्पीति में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मटर किसानों की आय का महत्वपूर्ण साधन बन रही है।
🍎 सेब: कठुआ का बनी क्षेत्र सेब उत्पादन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।
🏥 स्वास्थ्य: पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू होने की जानकारी।
🌊 असम बाढ़: 62,000 से अधिक लोग अभी भी प्रभावित बताए गए हैं।
🥛 डेयरी: राजस्थान में नए डेयरी प्लांट और सहकारी क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों को बढ़ावा।

📚 संदर्भ

  1. विषय से संबंधित जानकारी